हजारौं रहर बोक्के नेंगटुँ
हजारौं रहर बोक्के नेंगटुँ इ देशमे ।
सपनक् शहर बोक्के नेंगटुँ इ देशमे ।
यडि भेटैम कलेसे बुद्धहे जरुर कहम,
शान्तिके खबर बोक्के नेंगटुँ इ देशमे ।
मोर मुटुमे घाउ खोज्ठो काहे टुँ ,
मै मुटुमे असर बोक्के नेंगटुँ इ देशमे ।
यहाँ वीर सहिदनहे समझके आझ,
लम्मा सफर बोक्के नेंगटुँ इ देशमे ।
भरष्टचारिनहे सखाप पारक् लाग,
हाँठम् जहर बोक्के नेंगटुँ इ देशमे ।
धनगढी कैलाली













