मुक्तक

चुनावी रङसे गाउँ शहरके माहोल बदलगील ।
प्रचार प्रसारके चुनावी लहरमे माहोल बदलगील ।
याह करम वाह करम कहुइया टमान बाटै यहाँ,
ओहे झुठा आश्वासनके जहरसे माहोल बदलगील ।
दुर्जन कुमार चौधरी
कैलारी गा.पा.–६, बेनौली कैलाली













