प्रादेशिक राजधानीवारे थारु अगुवाहुकनके चासो

कैलारी, ३१ कुवाँर । प्रदेश नम्बर ७ के राजधानी धनगढी बनैना कि दिपायल बनैनावारे थारु अगुवाहुक्रे चासोके साथ लेले बाटै ।


धनगढी बनैलेसे हुइना फाइदा तथा वेफाइदा ओ दिपायल बनैलेसे हुइना फाइदा तथा वेफाइदावारे शुक्ष्म रुपमे बिश्लेषण करेक पर्ना जरुरी रहल औल्याइले बाटै ।

जनसंख्या तथा सुगमताके आधारमे धनगढी बनैलेसे कलान्तरमे पहाडी जिल्लाके जनताहुकन सेवा सुविधामे असहज हुइना ओ अन्ततः फेरसे डोसर राज्यके माग अइना ओ पहाड टुक्रयाइलेसे थरुहट आन्दोलनके उदेश्य पूरा हुइना बटैलै । मने मनैन्के स्वाभाव सुविधा भोगी रहना हुइलओरसे तराई जिल्लामे तीब्र बसाई सराई हुइना प्रबल सम्भावना रहल एक थरीके विचार बा । कलेसे दिपायलहे प्रादेशिक राजधानी बनैलेसे फेरसे तराई जिल्लामे बिग्रह उत्पन्न होके थरुहट आन्दोलन उप्पर उठ्न डोसर पक्षके तर्फ बा । मने दिपायल करैना रणनीति सफल नैहुइलेसे सबसे ढिउर वेफाइदा थारु समुदायहे हुइना फेन औल्यागिल हो ।

कैलालीके कैलारी गाउँपालिका–९ स्थित कोइलहुवा टलुवामे शनिच्चरके रोज आयोजित जिल्ला स्तरीय शुभकामना आदान प्रदान कार्यक्रममे थाकस कैलाली पूर्व सभापति तथा जिल्ला न्याययिक समिति सदस्य प्रभात चौधरी ओ अधिवक्ता नाथुराम महतो आ–आपन तर्क राखल रहिट ।
ओस्टके कार्यक्रममे थारु अगुवाहुक्रे लम्मा समयसम चल्टी आइल थरुहट÷थारुवान आन्दोलनके प्रत्यक्ष उपलब्धी मधेशमे डेखा परल बटैलै । आन्दोलनके उद्गमन स्थल कैलाली जिल्लामे तात्विक उपलब्धी डेखा नैपर्लेसे फेन मधेश क्षेत्रमे थरुहट आन्दोलके उपलब्धी डेहल परल उहाँहुकनके कहाई बा ।

थारु कल्याणकारिणी सभाके केन्द्रीय सदस्य रामचरण चौधरी कहलै–‘थरुहट आन्दोलनके बलमे मधेश आन्दोलन उठल हो, जहाँ प्रादेशिक सीमांकनसे लेके अधिकांश स्थानीय तहमे मधेशी आइल बाटै ।’

मने आन्दोलनके उद्गम थलो कैलाली–कञ्चनपुरमे आन्दोलनसे चित्ता बुझाइक पर्ना किल अवस्था रहल उहाँके कहाई बा ।
कार्यक्रमके बरका पहुना समेत रहल उहाँ प्रमुख राजनीतिक दलमे थरुहट आन्दोलनमे क्रियाशिल व्यक्तिहुकन पार्टीसे टिकट वितरणमे प्राथमिकतामे नैपरल फेन दुखेसो सुनैलै । ‘टिकट पैना बेलामे हमार जसिन मनै भ¥याङमार्फत उप्पर जाइक परठ मने कतिपय व्यक्तिहुकन लिफ्टमार्फत सोझे लैजाके टिकट डेना काम हुइठ’, उहाँ आघे कहलै ।

थारु अगुवा तथा नेता होरीलाल चौधरी जत्रा सडक सदन संघर्ष कर्लेसे फेन अन्ततः जनताहुक्रे सचेत नैहुइलपाछे फेन गद्दारी हुइटी रहल बटैलै । जौनकारण आन्दोलनके उपलब्धीमे शुन्यता अइना ओ आन्दोलनकर्ता निराश बनेक पर्ना अवस्था अवस्था रहल उहाँ उल्लेख कर्लै ।

गोरखापत्र दैनिकके सहसम्पादक तथा वरिष्ठ थारु पत्रकार लक्की चौधरी पहिचानवादी आन्दोलन पूर्ण रुपमे कमजोर तथा सफल नैहुइलओरसे आन्दोलनके क्रम–क्रममे समिक्षा संगे फेन से सुरुवात करेक पर्ना अवस्था रहल उल्लेख कर्लै । आन्दोलन तथा आपन माग मुद्धावारे थारु समुदाय भर्खर सचेत हुइलओरसे औरे समुदायके तुलनामे पाछे परल बटैटी उहाँ आ–आपन च्यानलमार्फत आघे बह्रेक पर्ना अवस्था आइल औल्याइलै ।

कार्यक्रममे अधिवक्ता जोहारीलाल चौधरी वर्तमान संविधान पहिचानके मुद्धाहे स्वीकार नैकरल ओरसे पहिचानवादी आन्दोलन कमजोर बनल बटैलै । अइना दिनमे मुद्धा फेल नैखैना मेरके आघे बह्रेक पर्ना उल्लेख कर्लै ।

थारु कल्याणकारिणी सभा कैलाली, जिउगर फाउण्डेसन, पहुरा थारु दैनिक, थारु नागरिक समाज, मुक्तिक डगरलगायतसे आयोजित उ कार्यक्रममे थारु नागरिक समाजके संयोजक दिलबबहादुृर चौधरी, थारु नेतृ इन्दु चौधरी, वसन्ती चौधरी, सुशिला चौधरी, दुर्गा कुश्मी, अधिवक्ता सर्जु चौधरी, थारु बुद्धिजीवी पुरन चौधरी, चन्द्र चौधरी, कठरिया थारु समाजके केन्द्रीय कोषाध्यक्ष सुरज चौधरी, थारु विद्यार्थी समाजके केन्द्रीय उपाध्यक्ष ठाकुरप्रसाद करियाप्रधानलगायत फेन शुभकामनासहित मन्तव्य व्यक्त करल रहिट ।

थाकस सचिव माधव चौधरीके घरगोसियाईमे हुइल कार्यक्रमके सञ्चालन जिउगर फाण्डेसनके अध्यक्ष रविना चौधरी करल रहि कलेसे धन्यवाद ज्ञापन पहुरा थारु दैनिकके कार्यकारी सम्पादक प्रेम चौधरीसे हुइल रहे ।