सिक्टा सिँचाइ १४ वर्षमे ६० प्रतिशत किल काम

बाँके, २७ कार्तिक । बाँकेमे निर्माणाधीन राष्ट्रिय गौरवके सिक्टा सिँचाइ आयोजनाके काम सुस्तगतिमे बा । निर्माण सुरु हुइल १४ वर्षमे ६० प्रतिशतकेल काम सम्पन्न हुइल बा ।

सरकारसे अपने स्रोतमे विसं २०६३ माघसे निर्माण सुरु करल यी नेपालके सबसे भारी सिँचाइ आयोजना हो । रु २५ अर्बके लागतमे निर्माणाधीन आयोजनामे ६० प्रतिशत काम सम्पन्न हुइल आयोजना प्रमुख कृष्णप्रसाद नेपाल जानकारी डेलै ।

उहाँक अनुसार, सिक्टाके सक्कु काम यिहे आर्थिक वर्ष २०७६÷७७ भिटर सम्पन्न कैना सरकारके लक्ष्य बा । आयोजनाके ४५ दशमलव २५ किलोमिटर नन्ना पश्चिमी ओ ५३ किलोमिटर पूर्वीनहरसे बाँकेके ४२ हजार हेक्टर क्षेत्रफलमे सिँचाइ कैना उद्देश्य बा ।

बाँकेमे ३५ हजार ९७० हेक्टरमे धानखेती हुइठ । उ मध्ये करीब १३ हजार ७०० अर्थात् करीब २५ प्रतिशत क्षेत्रमे केल सिँचाइ सुविधा बा । सिँचाइ सुविधा नइरहल किसान बर्सेनि आकाशेपानीके भरमे धानखेती कैना बाध्य बाटै । राष्ट्रिय गौरवके सिक्टा सिँचाइ आयोजनाके ऊर्जा जलस्रोत तथा सिँचाइमन्त्री वर्षमान पुन बार–बार स्थलगत अनुगमन करके समयमे काम सेक्न निर्देशन डेना करलेसेफे सरकारसे डेहल प्राथमिकताअनुसार प्रतिफल भर डेखल नइहो ।

आयोजना कार्यालय अभिनसम मूल नहर निर्माणके काममे अल्झटी रहल बा । आयोजनाके शाखा ओ उपशाखा नहर निर्माणके कामफे सुस्त बा । तीन वर्षआघे अगैयास्थित मुख्य बाँधमे जडान करल १८ ठो गेट सिँचाइके लाग उपयोगमे आई नाइसेकल हो ।

सिक्टाके पश्चिम मूल नहर निर्माणके काम सम्पन्न हुइलेसे हस्तान्तरण नइहुइटी परीक्षण कैना क्रममे बार–बार भत्कन करल बा । विसं २०७३ असार १४ गतेफे परीक्षणके क्रममे ढकेरीस्थित झिझरीखोला छेउमे मूल नहर भत्कल रहे । बार–बार नहर भुटके सिक्टाके गुणस्तरउप्पर प्रश्न उठल बा ।

सिक्टा सिँचाइके काम समयमे नइहुके किसान मर्कामे परल मूल उपभोक्ता समितिके अध्यक्ष शालिकराम डाँगी बटैलै । ‘हम्रहिनहे सिँचाइ सुविधा चाहल कहिके मन्त्रालयसे सक्कु ठाउँमे पुगली,’ अध्यक्ष डाँगी कहलै, –‘सक्कुनके आश्वासन अइठ मने हमार माग अभिन पूरा नइहुइल ।’ गैल अठुवार केल स्थलगत अनुगमनके क्रममे मन्त्री पुन एक वर्षभिटर सिक्टा सिँचाइ आयोजनाके नहरके काम सेक्ना निर्देशन डेहल बाँके क्षेत्र नं १ के प्रतिनिधिसभा सदस्य महेश्वरजङ गहतराज जानकारी डेलै ।

उहाँक अनुसार, राप्ती सोनारी गाउँपालिकाके अगैयास्थित आयोजनाके हेडवक्टर स्थल पुगके मन्त्री पुन जलस्रोत तथा सिँचाइ विभागके महानिर्देशक मधुकरप्रसाद राजभण्डारीहे महिनाके एक चो अनिवार्य सिक्टाके स्थलगत निरीक्षण कैना ओ जलस्रोत तथा सिँचाइ सचिव रवीन्द्रनाथ श्रेष्ठहे हरेक महिनामे एक दिन सिक्टा सिँचाइ आयोजनाके प्रगतिबारे मन्त्रालयमे समीक्षा कैना निर्देशन डेले बाटै । पहुरासे