थारु समुदायमे गुरुवा जन्माईकलग ढाक पिट्ना प्रथा

धनगढी, ८ कात्तिक । कैलालीके कैलारी गाउँपालिका वडा नं.–८ दुधिया गाउँमे गुरुवा जन्माईकलग ढाक पिट्न कार्यक्रम सञ्चालन कर्ले बाटै । सोही गाउँपालिका ९ बनकनरीके स्थानीय चुन्नुराम डाङडुलरु (थारू) से ढाक पिट्ना कार्यत्रलक रहल दुधिया गाउँक भलमन्सा राजाराम चौधरी बटैलै ।

थारू समुदायमे ढाक अर्थात गुरुवा (तान्त्रिक) जन्माईकलग ओ विशेष पूजाके अवसरमे बद्य सामग्री बजैना कामहे बहुट महत्वके साथ लेजाइठ । हरेरी पूजा, लवांगी पूजा, चैती पूजालगायत अवसरमे ढाक बजाई पर्ना प्रचलन रहल भलभन्सा चौधरी जानकारी डेलै ।

आधुनिकताके क्रम संगे तान्त्रिक विद्याके महत्व घट्टी गैलेसे फेन थारू समुदायमे विद्यमान ढाक बजैना प्रथा जिट्टी नै बा । अगहन महिनाके सुरुवात संगे ढाक बजैना कामके शिलशिलामे घरसे निक्रल चुन्नुरामके व्यस्तता फेन बढ्ल बाटिन् । उहाँ रातभर ढाक बजाके गुरुवा उत्पादन कर्टि आईल चौधरी बटैलै ।

ढाक बजैना प्रचलन थारू समुदाय भिट्टरके ‘डाङडुलरु’ अर्थात ‘ढकेरहुवा’ थरके थारू समुदायके प्रचलन हो । आजकाल यि थरके थारू समुदायके बुढापाखाहुक्रे ढाक बजैना काममे लागल बाटै । उहाँहुक्रे कार्तिकसे अगहन महिनामे हुइना लवांगी पूजाके अवसरमे ढाक बजैना काममे लागल हुइट ।

कैलाली जिल्लामे एकदमे कम संख्यामे रहल उ थरके थारूहुक्रे कैलाली, कञ्चनपुर ओ बर्दिया जिल्लाके टमान ठाउँमे फेन ढाक बजैना नेउटा आइल संगे पुग्टी आइल बाटै । जेकर कारण ढिउर माग नैरहलेसे फेन पुर्खौली परम्पराके संरक्षण संगे सामान्य घर खर्च चलैनामे सहयोग पुग्टी रहल चुन्नीके कहाई बाटिन् ।

ढाक बनैना ओ ढाक बजैना संस्कार रहल डाङडुलरु समुदायके थारूबुद्धिजीवीहुक्रे ढाक बजैना संस्कार बहुट ऐतिहासिक रहल दाबी करटी आइल बाटै । उहाँहुकनके अनुसार सत्ययुगमे शिव ओ पार्वती ढाक ओ काँस (एक प्रकारके धातु) सिर्जाके गाउँ–गाउँमे भिख मागके विविकोपार्जन करल विश्वास राख्टी आइल बाटै । पाछे कालान्तरमे थारू समुदायके डाङडुलरुहुक्रे अनुशरण करल जनविश्वास रहल हो ।