जाँईमे हरेरी महोत्सव : थरुहट सम्मेलन सामाजिक एकता ओ सद्भावके सन्देश डेना

धनगढी, ३ भदौं । टीकापुरमे हुइना थरुहट सम्मेलनसे सामाजिक एकता ओ सामाजिक सद्भावके सन्देश डेना संघीय सांसद नारदमुनि राना बटैले बाटै ।

सोम्मारके धनगढी उपमहानगरपालिका–५, जाँईमे आयोजित हरेरी महोत्सव २०७६ कार्यक्रमके उद्घाटन सत्रहे सम्बोधन करटी सांसद राना यिहे भदौं ७, ८ ओ ९ गते हुइटी रहल थरुहट सम्मेलनसे सामाजिक एकता ओ सामाजिक सद्भाव कायम कैना विश्वास लेहल बटैलै ।
कार्यक्रमके बर्का पहुना समेत रहल सांसद राना समाज ओ देश बनाइक लाग सक्कुजनहनमे सामाजिक एकता, सामाजिक सद्भाव ओ राष्ट्रिय भावना एक हुइना जरुरी रहल औंल्याइलै ।

‘देश बनाइक लाग सामाजिक सद्भाव, सामाजिक एकता ओ राष्ट्रिय भावना एक हुइना जरुरी रहल बा’, सांसद राना कहलै–‘थारु पहारी एक ढिक्का हुइलेसे किल समाज तथा देशके विकास सम्भव बा ।’

सांसद राना आघे थप्लै–‘यी थारु हो, राना हो या यी पहाडी कहिके छुट्याइलेसे हमार समाज ओ देश कबु आघे नाइ बह्री ।’ ‘हम्रे पहिले सक्कु जाने नेपाली हुइटी कहिके आघे बह्रलेसे किल सामाजिक एकता, सद्भाव कायम होके समाज ओ देश बलगर होके देश विकास हुइ’, सांसद राना कहलै ।ओहे कार्यक्रमके बिच सांसद राना धनगढीहे मेगा सिटीके रुपमे विकास कैना समेत बटैलै । उहाँ यी आर्थिक बरसमे धनगढी बजारहे मेगा सिटी बनाइक लाग डिपीआर तयार करजैना ओ अइना दुई बरस भित्रे मेगा सिटीके रुपमे अभियान थालनी कैना बटैलै ।

यकर साथे सांसद राना जाँई स्थित थारु देउथानके स्तरोन्नती तथा विकासके लाग आपन सेक्नासम सहयोग रहना बटैलै ।कार्यक्रममे प्रदेश सांसद दिल्लीराज पन्त, चुनकुमारी चौधरी, वडा नं। ५ के वडा अध्यक्ष हरिसिंह पातली लगायत मनतब्य राखल रहिट । उहाँहुक्रे हरेरी महोत्सव थारुहुक्रनके संस्कृति तथा पहिचानसे जोरल ओरसे संरक्षण सम्वद्र्धन कैना आवश्यक रहल बटाइल रहिट ।

कार्यक्रममे थारुहुक्रनके अति महत्वपूर्ण मानजैना हरेरी पुजा राज्यके उदासीनता, आधुनिक संस्कृति, संस्कारके कारसण संरक्षण एवं सम्वद्र्धन हुइ नाइ सेकके दिन प्रतिदिन लोप हुइटी रहल ओरसे संरक्षण एवं सम्वद्र्धन करक लाग थारु जाति ओ सम्बन्धित सक्कुजनहनके कर्तव्य, जिम्मेवारी ओ दायित्व जिम्मेवारी होए कना उद्देश्यसे महोत्सवके रुप डेके मनाइल हरेरी महोत्सव मूल आयोजक समितिके संयोजक कुलबिर चौधरी बटैलै ।

‘भाषा संस्कृति, कला, भेष हमार, पहिचानः हरेरी महोत्सव मनैना सक्कु किसानक अभियान’ कना मुल नाराके साथ महोत्सव भदौ २ गतेसे ५ गतेसम चार दिन सञ्चालन हुइना जनाइल बा । महोत्सवमे मुख्य आकर्षणके रुपमे थारु समुदायके लोपोन्मुख मंग्रहवा नाच, लाठी नाच, साखिया नाच, एकल नृत्य, मगर जातिके भुमे, मारुनी नाचलगायतके टमान सांस्कृतिक परम्परा झल्कैना नाच रहना हरेरी महोत्सव मूल आयोजक समितिके सचिव रामप्रसाद चौधरी जानकारी डेलै ।

ओस्टके, महोत्सवमे टमान थारु समुदायके खानाके परिकार जस्टे ढिक्री, अण्डीके चाउरके भात तथा रोटी, गँगटा तथा घोंगीके टीना, खाना, परिकार आकर्षणके रुपमे स्टलमे राखल सचिव चौधरी बटैलै ।
संस्कृतिके धनी आदिवासी थारुहुक्रनके सामूहिक रुपमे करजैना चार पूजा धुरिया पूजा, हरेरी पूजा, लवांगी पूजा, निकासी पूजा मध्ये हरेरी पूजा एक महत्वपूर्ण पूजा हो ।

सूदुपश्चिमके तराईमे बसोबास करटी आइल संस्कृतिके धनी थारु समुदायसे सामूहिक रुपमे करटी आइल हरेरी पूजाहे धनगढी जाँईके थारु समुदाय भर २०७३ से ‘हरेरी महोत्सव मनैटी आइल बाटै ।