इजलास कक्षबिनाके न्याय सम्पादन

धनगढी, २२ असार । कैलालीके अधिकांश स्थानीय तह अभिनफे इजलास कक्षविनाके न्याय सम्पादन कैना बाध्य बाटै । न्याय सम्पादनके लाग अलगे इजलास कक्ष, कानूनी अधिकृत ओ आवश्यक कर्मचारीके व्यवस्था नइहुइसेकलपाछे न्याय सम्पादनमे समस्या अइटी रहल न्यायिक समितिके संयोजकहुक्रे बटैठै ।

स्थानीय तहके विवादित मुद्दा स्थानीयस्तरमे समाधान होए कहिके संविधानमे न्यायिक समितिके परिकल्पना कैगिल बा, मने स्थानीय सरकार गठन हुइल दुई वरस पुगे लग्लेसेफे न्यायिक समितिके संयोजकसे इजलास कक्षबिना न्याय सम्पादन कैना बाध्य बटैठै । प्रायः स्थानीय तह भाडाके घरमे रहल ओरसे इजलास कक्ष तयार करे नाइ सेकल हो ।

‘गाउँ–गाउँमे सिंहदरवार, घर–घरके अंगनामे अदालत खडा करले बा’, घोडाघोडी नगरपालिकाके उप–प्रमुख एवम् न्यायिक समितिके संयोजक प्रेमकुमारी थापा कहठी– ‘यी खुशीक बाट हो, मने अदादत खडा करकेफे नइहुई, का कैसिन चिज चाही, एक ठो उपप्रमुखहे न्याय सम्पादन कैना न्यायिक समितिके संयोजक बनाडेलेसे केल सक्कु मुद्दा निरुपण नईहुई ।’


संयोजक प्रेमकुमारी थापा

‘यहाँ टे एक ठो मनैयाहे गोरा बाँधके दौड कहेहस हुइटा,’ संयोजक थापा कहली, –‘सहजरुपसे न्यायिक सम्पादन करेक लाग दायाँ बायाँ का कैसिन सहयोगी चाही, कर्मचारी हुई परल की नइपरल ओहोर सरकारके ध्यान नइपुगल हो, का अदालतके न्यायधिश सक्कु चिज अपनही करठै रु उहाँ प्रश्न करठी, अदालतमे दायाँ–बायाँ करुइया कोइ रहठ की नइरहठ, यी बाट हमार सरकार नइसुनल हो की, नइबुझल हो जैसिन बा ।’

घोडाघोडी नगरपालिकामे छुट्टे कोठाके अभाव, कानूनी अधिकृत आवश्यक कर्मचारीके व्यवस्था नइहुइल कारण इजलास कक्ष तयार हुई नइसेकल हो । कार्यकक्षमे भेटघाट करेआइल जनताहे बाहेर जाउ कहेबेर अप्ध्यारो हुइठ, संयोजक थापा कहली–‘उहे ठाउँमे न्याय सम्पादन कैना अवस्था बा, अनि यसो मेसो परलेसे औरजे बोलडेहलपाछे पीडितहे पीर परठ, टब न्याय सम्पादन सब भद्रगोल हुइठ ।’
भाडाके घरेम घोडाघोडी नगरपालिकाके न्यायिक समितिमे कार्यकक्षमे स्टोर कक्षफे संगे रहल ओ समस्या लेके भेटघाट कैनाफे उहे रहल अवस्था बा ।

न्यायिक समितिमे आइल कतिपय मुद्दा गोप्य रहठ, गोसिया गोयिनीयविचके विवाद, घरयासी विवाद सक्कुहुनके आघे मिलैलेसे वास्तविक बाट बाहेर आके फल्यास हुइना सम्भावना रहना समस्या भोग्टी आइल संयोजक थापा कहली ।

‘मुद्दा मिलैना क्रममे, छलफल करैना क्रममे, ओटरा गाह्र्रो टे नइहो, गाह्रो नइहुइटी नइहुइटीफे कतिपय बात गाह्रो रहल संयोजक कहठी– ‘न्यायिक समिति काल्हके शैलीमे मुद्दा मिलाइल, अब्बे वैधानिक ढंगसे फैसला करेबेर कानूनी अधिकृत, आवश्यक कर्मचारी नइहुइलपाछे सबचिज मिलैना गाह्रो बा ।’

घोडाघोडी नगरपालिकाके न्यायिक समितिमे दुई बरषमे १५ ठो मुद्दा दर्ता हुइलमे ८ ठो मिलापत्र हुइल ओ ७ ठो मिलापत्र हुइना बाँकी रहल संयोजक कहली । न्यायिक समितिमे आलीधुर, बाँधपैनी, कुलो वा पानीघाटके बाँडफाँड तथा उपयोग, दुसरके बाली नोक्सानी करल, चरन, घाँस, दाउरा, ज्याला मजुरी नइडेहल, ज्येष्ठ नागरिकके पालनपोषण तथा हेरचाह नइकरल, गोसिया गोसिनीयाविच इज्जत आमद अनुसार खाई लगाई नइडेहल, सँधियारके जग्गाओर झ्याल धारके घर बनाइल लगायत विवादके मुद्दा परल संयोजक थापा बटैठी ।

प्रदेशके एक ठो केल उप–महानगरपालिका धनगढीमेफे अभिनसम इजलास कक्ष तयार हुई नइसेकल हो । इजलास कक्ष निर्माणके क्रममे रहल ओरसे न्यायिक समितिके कार्य सम्पादनमे समस्या रहल धनगढी उप–महानगरपालिकाके उप–प्रमुख एवम् न्यायिक समितिके संयोजक सुशीला मिश्र भट्ट बटैठी ।


संयोजक सुशीला मिश्र भट्ट

‘धनगढी उप–महानगरपालिका हेर्नामे केल भारी उप–नगरपालिका हो,’ संयोजक मिश्र भट्ट कहली– ‘यहाँ मेलामिलाप करैना कक्षफे नाइहो, न्यायिक समिति गुजारा केल करटी रहल अवस्था बा ।’

यी न्यायिक समिति कानूनी अधिकृत समेट धारे नाइसेकल अवस्था बा, सक्कु न्यायिक समितिमे अपन मतहतके एक जाने कानूनी अधिकृत धारे सेक्ना कना प्रदेश सरकार भरखरे व्यवस्था करल उहाँ कहली ।

‘अभिनसम हमारे कार्यालयके कानूनी सल्लाहकारसे कानूनी सल्लाह बमोजिम, ओ सो अध्ययनसे मेलामिलाप करैटी बाटी, उहाँ कहली–‘कौनो चिजके अभाव रहलेसे कुछ ना कुछ अप्ध्यारो टे परी जाइठ, मने सक्कु चिज एक ठो सम्झौतामे रहिके करे परठ उहीहे सदुपयोग करके हम्रे सहजुल बनैना प्रयास करटी ।’

धनगढी उप–महानगरपालिकाके न्यायिक समितिमे आइल बहुट जैसिन विवाद विन दर्ता करल दुनु पक्षहे छलफल करुवाडेहलपाछे छोट सहजीकरणसे मेलमिलापमे आके समाधान हुइल उहाँ कहली । आर्थिक बरस २०७६/०७७ भिटरे अपाङता रहल व्यक्ति, महिला ओ बालमैत्री इजलास खडा करके न्याय सम्पादन कार्य सुरुवाट कैना उहाँ बटैठी ।

न्याय सम्पादनके क्रममे सबसे डेर जग्गा विवाद, साँध सीमाना, अंशदावी, गोसियासे खाईलगाई नइडेहल, घरसे निकला करल, कुटपिट, बहुविवाह, जलमदर्ता नइकरडेहल, जेष्ठ नागरिकहे अपहेलना करल, एकल महिलाहे हेला करल, छावा पटुहियासे ससुरुवाहे गालीगलौच हेला करल, घरेक झयाल रख्ना विषयमे, टिना खाडेहल, मुरगीक खोर धारल, वातावरण प्रदुशन सम्बन्धी विवाद आइल संयोजक मिश्र भट्ट बटैठी । न्यायिक समिमिमे आइल मुद्दा समाधानके विषय करेक लाग एक ठो टे इजलासमे जैना हो ओ दुसर मेलमिलापके माध्यमसे किनारा लगैना करल उहाँ बटैठी ।

धनगढी उप–महानगरपालिकाके न्यायिक समितिमे आर्थिक बरस २०७५र०७६ सालके अब्बेसम ३५ ठो विवादके मुद्दा दर्ता हुइलमे २० ठो मेलमिलाप हुइल, १० ठो मेलमिलापके प्रक्रियामे, १ ठो अंश सम्बन्धी मुद्दा फिर्ता, ४ ठो सम्बन्धित निकायमे पठाईल संयोजक बटैली । ओस्टेक आर्थिक बरस २०७४र०७५ सालमे २७ ठो मुद्दा दर्ता हुइलमे १२ ठो मेलमिलाप हुइल, ७ ठो प्रक्रियामे रहल, २ ठो अदालतमे, ३ ठो सम्बन्धित निकायमे पठाईल, १ ठो दरपिट करल, १ ठो कागज अडडामे सामेल करल जनागिल बा ।


संयोजक गीता कठरिया
‘अभिनसम इजलास कक्ष बनल नइहो’, जोशीपुर गाउँपालिकाके उपाध्यक्ष एवम् न्यायिक समितिके संयोजक गीता कठरिया कहठी– ‘ अलगे इजलास कक्ष नइहुके समस्या बा ।’ गाउँपालिका कार्यालयमे एक ठो कोठा खाली रहल कोठामे काम चलाउ इजलास बनाके न्याय सम्पादन करठी, मने कानूनी अधिकृत, आवश्यक कर्मचारी नइहुइलपाछे काम कैना गाह्रो बा उहाँ कहली ।

‘न्यायिक समितिमे कानूनी सल्लाहकारके व्यवस्था नइकरलडेहलपाछे न्याय सम्पादनमे चुनौती ठपल बा,’ संयोजक कठरिया कहठी– ‘जनताके आपेक्ष अनुसार न्याय सम्पादन करे परठ मने अलगे इजलास कक्ष व्यवस्था नइहुइना, कर्मचारी नइहुफे विवाद मिलैना प्रयास कैजाइठ ।’

जोशीपुरके न्यायिक समितिमे घरेलुहिंसा, गोसिया गोसिनीय विच विवाद, माना चामाल, कृटपिट, छिमेकी विच विवाद, पालनपोषण, गालीगलौच, साँझ सीमाना, मुक्तकमैयाके जग्गा सम्बन्धी, काम करुवाके ज्याला मजदुरी नइडेहल सम्बन्धी अब्बेसम ४८ ठो मुद्दा दर्ता हुइल उहाँ जनैली । दर्ता हुइल कुछ मुद्दा केल फछ्र्योट हुइल ढेर जैसिन प्रक्रियामे रहल उपाध्यक्ष कठरिण बटैठी । न्यायिक समितिके इजलास भवनके लाग जिल्ला समन्वय समिति कैलालीसे एक करोड ओ गाउँपालिकाके ४० लाख बजेट विनियोजनपाछे भवन निर्माणके प्रक्रिया बढासेकल ओरसे अइना डशियासम तयार हुजैना संयोजक कठरिया कहली ।

कैलालीके १३ ठो स्थानीय तह मन्से हालसम दुई ठो स्थानीय तहमे केल इजलास कक्ष तयार हुइल बा । यहाँके ढेर स्थानीय तहके अपन कार्यालय भवन नइरहल ओरसे इजलास कक्ष बनाई फे नाइसेकल जनाइल बा ।

इजलास कक्ष नइहुके खाली रहल कोठामे वादी ओ प्रतिवादी दुनु पक्षहे बैठाके सुनुवाइ कैना करटी आइल चुरे गाउँपालिकाके उपाध्यक्ष दीपादेवी साउँद बटैठी । ‘आब हमार गाउँपालिकाके लौव भवन बन्टी बा,’ उहाँ कहली– ‘अपने भवन हुइलेसे ओम्ने इजलास कक्षफे रही ।’ यी वर्ष चुरे गाउँपालिकाके न्यायिक समितिमे हालसम १९ ठो मुद्दा आइलमे ११ ठो फछ्र्योट हुइल उपाध्यक्ष साउँद बटैठी ।

मने इजलास कक्ष रहल स्थानीय तहके न्यायिक समितिहे फे कहल जैसिन काम कैना ओत्रा सहज नइहो हुइल । कैलालीमे हालसम कैलारी गाउँपालिका ओ बर्दगोरिया गाउँपालिकामे अलगे इजलास कक्ष रहल बा ।


संयोजक लक्ष्मी सत्गौवा थारु

‘अलगे इजलास कक्ष तयार हुके न्याय सम्पादनमे कुछ सहजता हुइल बा,’ कैलारी गाउँपालिकाके उपाध्यक्ष लक्ष्मी सत्गौवा थारु कहठी– ‘मने न्याय सम्पादन करेक लाग कानूनी अधिकृत, कर्मचारी अभावके कारण पूर्णरुपमे सहजुल हुईनइसेकल हो । ’कैलाली गाउँपालिकामे दुई बरषके अवधिमे ११५ ठो टमान मेरिक मुद्दा परलमे ८८ ठो मुद्दा मेलमिलापके आधारमे फछ्र्योट कैसेकल न्यायिक समिति संयोजक सत्गौवा बटैठी । कैलालीके १३ स्थानीय तहके न्यायिक समितिके संयोजकहुक्रे संयुक्त बैठक करके कानूनी अधिकृतके व्यवस्था, कर्मचारीके व्यवस्थान कैडेहक लाग माग करल मने अभिन पुरा नइहुइल उहाँ बटैठी । सहजुले न्याय सम्पादन करक लाग कानूनी अधिकृत ओ कर्मचारी आवश्यक पर्ना उहाँ कहली ।

बर्दगोरिया गाउँपालिकाके न्यायिक समितिके उपाध्यक्ष भगवतीदेवी डंगौराफे इजलास कक्ष तयार हुइलेसेफे कानूनी अधिकृत ओ कर्मचारी अभावके कारण न्याय सम्पादनमे समस्या अइटी रहल बटैठी ।

समिति बा, उजुरी नइहो

दुर्गम पहाडी क्षेत्रमे पर्ना मोहन्याल गाउँपालिकाके न्यायिक समिति हालसम उजुरी विहीन बा । स्थानीय सरकार ओ न्यायिक समिति गठन हुइल नम्मा समय बिटलेसेफे अभिनसम एक ठो फे उजुरी नइआइल गाउँपालिकाके उपाध्यक्ष एवम् न्यायिक समितिके संयोजक पूजादेवी बुढामगर बटैठी ।

‘भौगोलिक कठिनाइ वा का कारणसे हो, हमार गाउँपालिकाके न्यायिक समितिमे उजुरी नइआइठ,’ उहाँ कहठी– ‘अब्बेसम वडा कार्यालयमे उजुरी अइना ओ उहेसे मेलमिलाप करके जैना कार्य हुइटी रहल बा ।’

उ गाउँपालिकाके कार्यालय खिमडीमे बा । अभिनसम कार्यालय कहाँ रख्न कना बाटके टुङ्गो नइलागल ओरसे इजलास कक्षफे नइबनाइल संयोजक बुढामगर बटैठी ।

कैलाली जिल्लामे रहल स्थानीय तहहे ६० प्रतिशत जिल्ला समन्वय समितिसे ओ ४० प्रतिशत स्थानीय तहके लगानीमे भवन बनाइक लाग बजेट विनियोजन करल बा । ‘नगरपालिका÷गाउँपालिका भवन निर्माणके लाग कागजी प्रक्रिया पुगाके रकम लैजैटी रहल बाटै,’ जिल्ला समन्वय समितिके सभापति सुर्य बहादुर थापा कहठै,– ‘बजेट फ्रिज नइजैना हुइल ओरसे भवन यिहे अइना आर्थिक बरससेफे सुरु करे सेक्जाई ।’ स्थानीय तहके अपने भवन हुइलेसे न्यायिक समितिके अलगे इजलास धारे सेक्ना सभापति थापा कहठै ।

व्यवस्थापिका संसद्से २०७४ साल कुवाँर ६ मे पारित ‘स्थानीय शासन ऐन’ अनुसार ‘देवानी ओ एक वरससम कैद हुई सेक्ना फौजदारी’ प्रकृतिके अपराधसंग जोरल विवादित विषय न्यायिक समितिसे हेरे पैना व्यवस्था बा । न्यायिक समितिमे आइल विवादित मुद्दामे उजुरी लेना ओ सुनुवाइपाछे फैसला कैना उ करेबेर मेलमिलापके प्रक्रियासे विवाद समेत निरूपण करे पैना व्यवस्था बा । स्थानीय प्रशासन ऐन अनुसार १३ मेरिक विवादित मुद्दा न्यायिक समितिसे हेरे पाइठ ।

उ मुद्दामे आलीधुर, बाँध पैनी, कुलो वा पानीघाटके बाँडफाँड तथा उपयोग, दुसरके बाली नोक्सानी करल, चरन, घाँस, दाउरा, ज्याला मजुरी नइडेहल, घरपालुला पशुपंक्षी हेराइल वा पाइल, ज्येष्ठ नागरिकके पालन पोषण तथा हेरचाह नइकरल, नाबालक छावा छाई वा गोसिया गोसिनीयाहे इज्जत आमद अनुसार खाई लगाई वा शिक्षा–दीक्षा नइडेहल, वार्षिक रु २५ लाख रुप्यासमके विगो रहल घरबहाल ओ घर बहाल सुविधा, और व्यक्तिके घर, जग्गा वा सम्पत्तिहे असर पर्ना करके रुखुवा लगाइल अपन घर वा बलेसीसे दुसरके घर, जग्गा वा सार्वजनिक डगरमे पानी झारल, सँधियारके जग्गाओर झ्याल धारके घर बनाई परेबेर कानुन बमोजिम छोरे पर्ना परिमाणके जग्गा नइछोरके बनाइल, केक्रो हक वा स्वामित्वमे हुइलेसेफे परापूर्वसे सार्वजनिक रूपमे प्रयोग हुइटी आइल डगर, वस्तुभाउ निकर्ना निकास, वस्तुभाउ चरैना चौर, कुलो नहर, पोखरी, पाटी–पौवा, अन्त्यष्टि स्थल, धार्मिक स्थल वा और कौनो मेरिकके सार्वजनिक स्थलके उपयोग करे नाइसेकल वा बाधा पुगाइल ओ संघीय वा प्रदेश कानूनसे स्थानीय तहसे निरूपण करे सेक्ना कना व्यवस्था बा ।

मेलमिलाप नीतिसे न्यायिक समिति स्थानीय विवाद समाधान करे सेक्ना स्थानीय शासन ऐनमे व्यवस्था करल बा । जौन ऐनअनुसार स्थानीय तहसे मेलमिलापका माध्यमसे १२ मेरिक विवाद समाधान करे सेक्ही । सरकारी, सार्वजनिक वा सामुदायिकबाहेक हकके जग्गा दुसरसे चर्पी, मिची वा घुसाइ खाइल, सरकारी, सार्वजनिक वा सामुदायिक बाहेक अपन हक नइपुग्न औरके जग्गामे घर वा कौनो संरचना बनाइल, गोसिया–गोसिनीयाबीचके सम्बन्ध विच्छेद, अङभङबाहेकके ढेरमे एक वर्षसम कैद हुई सेक्ना कुटपिट, गाली बेइज्जती, लुटपिट, पशुपंक्षी छाडा छोरल वा पशुपंक्षी धारेबेर वा पाल्के लापरबाही करके औरहे असर पारल, औरके आवासमे अनधिकृत प्रवेश करल, दुसरके हक भोगमे रहल जग्गा आवाद वा भोग चलन करल, ध्वनी प्रदुषण करके वा फोहोर–मैलासे छिमेकीमे असर पुगाइल, प्रचलित कानुन बमोजिम मेलमिलाप हुई सेक्ना व्यक्ति फरार हुइलेसे देवानी ओ फौजदारी विवादमे एक वर्षसम कैद हुई सेक्ना मुद्दा निरूपण करे पैना कानूनी व्यवस्था बा ।

अधिवक्ता डा। जानकी तुलाधरके अनुसार जौन उद्देश्यके अनुसार स्थानीय तहमे न्यायिक समिति गठन कैना संविधानसे परिकल्पना करल हो, उ अनुरुप काम हुई नाइसेकल हो । ‘स्थानीय तहमे जटराफे विवादित विषय बा, जनताके घरदैलोमे न्याय निरूपण होए, सहज ओ हाली न्याय होए कना उद्देश्य हो मने उ अनुरुप व्यवहारमे हुई नइसेकल अधिवक्ता बटैठी ।