सुदूरपश्चिम प्रदेशके ढाई लाख दलित गरिबीके रेखामे

धनगढी, ९ जेठ । सुदूरपश्चिम प्रदेशके आर्थिक मामिला तथा योजनामन्त्री झपट बहादुर बोहरा दलित समुदायक मुद्दाहे ओझेलमे नइपर्ना बटैले बाटै ।

विफेक रोज धनगढीमे हुइल सुदूरपश्चिम प्रदेश स्तरीय दलितमैत्री नीति तथा कार्यक्रम ओ बजेट सम्बन्धी हुइल अन्तरक्रिया कार्यक्रममे बोल्टी मन्त्री बोहरा प्रदेश सरकार दलित समुदायहे सम्मानित जीवनके लाग नीति नन्टी रहल बटैलै ।

‘दलित समुदाय छुवाछुटके सामाना करे परल बा,’ मन्त्री बोहरा कहलै, ‘प्रदेश सरकार नीति तथा कार्यक्रममे ओ यिहे जेठ १५ गते अइना बजेटफे दलित समुदायहे प्राथमिकतामे धारजाई ।’

दलित समुदायहे सामाजिक ओ आर्थिक न्याय डेहुवइना मन्त्री बोहरा कहलै । दलित समुदाय सामाजिक रुपमे छुवाछुटके सामाना करे पर्ना चुनौती रहलेसेफे प्रदेश सरकार आर्थिक न्यायमे समावेश कैना मन्त्री बोहरा प्रतिबद्धता जनैलै । प्रदेश सांसद उमादेवी बादी दलित समुदायके लाग प्रयाप्त बजेट नइछुटयाइल कारण समस्या जहाके तही रहल बटैली । ‘दलित समुदाय छाउपडीसेफे ढेर पीडा भोग्टी रहल बा,’ प्रदेश संसाद बादी कहली, ‘दलित सांसदसे सदनमे उठाइल बाटके कौनो सुनुवाईफे नइहुइल हो ।’

दलितके बच्चाहे निःशुल्क पह्रैना कहलेसे शूल्क लेटी रहल, शिक्षा आर्जनके लाग धर्म परिवर्तन समेट करे परल उहाँ कहली । प्रदेश सांसद अर्चना गहतराज छुवाछुट अन्त्य करेक लाग आन्दोलन, अभियान चलैना बटैली । ‘दलितके लाग बनल कानून कार्यान्वयन नइहुइके छुवाछुट ओ जातीय विभदके घटना बह्रल बा, उहाँ कहली, ‘आबसे जातीय विभेद ओ छुवाछुट करुइयाहे सरकारी सेवासे सुविधासे बन्चित करे परल ।’ प्रदेश सांसद शान्ति नेपाली मुलुकमे टमान व्यवस्था परिवर्तन हुइलेसेफे दलित समुदायके पीडा जस्टाके टस्टे रहल बटैली ।

‘विभेदके उत्पति समाज करले बा, ओकर अन्त्यफे समाजसे कैना चाही उहाँ कहली, ‘सरकार हम्रहिन बजेट डेहठ कना ढेर जनहन पत्ताफे नइहुइना मने टाठाबाँठाके बजेट खेलैना करल बाटै ।’ सरकार दलित समुदायहुकनहे बजेटके नाउँमे खुडी छिटटी रहल उहाँ आरोप लगैली । राष्ट्रिय दलित नेटवर्कके केन्द्रीय अध्यक्ष गणेश विक दलित समुदायहे राजनीतिक, आर्थिक ओ सामाजिक क्षेत्रमे आघे बह्राई पर्ना जरुरी रहल बटैलै ।

उहाँ दलित समुदायके पेशाहे परम्परागत ओर लैजाई पर्ना बटैलै । डिएनएफके सचिव नरबहादुर विक दलित समुदायहे भुल्याईक लाग मुरगी, छेगरी पालन डेहल आरोप लगैलै । सुदूरपश्चिम प्रदेशमे दलित समुदाग ढेर विभेदमे परल उहाँ बटैलै । सुदूरपश्चिम प्रदेशके मुख्य न्यायधिवक्ता कुलानन्द उपाध्याय संविधानमे प्रस्तावानामे कुही भेदभाद, विभेद, छुवाछुट करे नइपैना कहलेसेफे ओकर कार्यान्वयन नइहुइल बटैलै ।

उहाँ प्रदेश सरकारहे दलितमैत्री नीति कार्यक्रम बनैना सुझाव डेना बटैलै । समता फाउण्डेशनके अध्यक्ष प्रदीप परियार दलित समुदायके मुक्ति विना समग्र विकास असम्भव रहल बटैलै । देश हमार रहल मने राज्य अपन नइरहल आभास हुइटी रहल उहाँ कहलै । कार्यक्रममे राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोगके निर्देशक झंकर रावल, एनएनडिएसडब्लुओ के अध्यक्ष चक्र विक, मिलन परियार लगायत अपन बाट राखल रहिट ।

समता फाउण्डेशनके आयोजनामे हुइल कार्यक्रममे हिरा विश्वकर्मा नेपालके संघीय तथा प्रादेशिक बजेटमे दलितके चासो, चिन्ता तथा अवसर बारे कार्यपत्र प्रस्तुत करले रहिट । कार्यक्रमके संचालन गोपाल नेपाली करले रहिट । कार्यपत्रमे सुदूरपश्चिम प्रदेशके ढाई लाख दलित गरिबीके रेखा टरे रहल जनागिल बा ।