देवानी तथा फौजदारीमे रहल प्रावधानबारे अभिमुखीकरण

धनगढी, ५ जेठ । नागरिक समुदायहे देवानी तथा फौजदारीमे रहल प्रावधानके बारे अँटवारके रोज धनगढीमे अभिमुखीकरण कार्यक्रम हुइल बा ।

महिला पुनस्र्थापना केन्द्र (ओरेक) नेपाल कैलालीके आयोजना तथा प्लान नेपालके आर्थिक सहयोगमे हुइल कार्यक्रममे सहजीकरण करटी डा. जानकी तुलाधर गैल भदौ १ गतेसे लागु हुइल देवानी तथा फौजदारी संहितामे रहल प्रावधान, अब्बेक संविधानमे उल्लेख हुइल कानून, हक अधिकारबारे जानकारी डेहल रहिट । देवानी कानूनमे अधिकार स्थापित, व्यक्ति उपस्थित हुई पर्ना, फौजदारी कानूनमे दण्ड सजाय भोगे पर्ना, क्षतिपूर्ति तिरे पर्ना प्रावधान रहल उहाँ जनैली ।

जिल्ला अदालत कैलालीके आर्थिक बरस ०७४÷०७५ सालमे आइल मुद्दा फैसलाके अवस्थाबारे जानकारी डेटी उहाँ जबरजस्ती करणीके मुद्दा ४० ठो आइलमे २० ठो फैसला हुइल २० ठो बाँकी, माना चामल मुद्दा १२ दर्ता हुइलमे ६ ठो फैसाला हुइल ६ ठो बाँकी, घरेलु हिंसाके ३ मे २ ठो फैसाला हुइल, सम्बन्ध विच्छेद १९४ ठो मन्से १३६ ठो फैसाला हुइल ५८ ठो कार्यान्वयनमे रहल, छुवाछुट जातीय विभेद एक ठो रहलमे फैसाला १ ठो हुइल, बोक्सी आरोप ४ ठो रहलमे चारु फैसाला हुइल, जबरजस्ती करण उद्योग २० मन्से १३ ठो फैलाला हुइल ओ अंश सम्बन्धी १६१ ठो मुद्दा दर्ता हुइलमे ५६ ठो फैसाला हुइल तथ्याङकमे रहल उहाँ जनैली ।

कार्यक्रममे फाया नेपालके धनपति ढुङेल ओ दलित महिला अधिकार मञ्चके जिल्ला अध्यक्ष सावित्रा घिमिरे, लौव संविधानमे रहल कानून ओ देवानी तथा फौजदारी संहितामे प्रावधान कार्यान्वयन हुईलेसे बह्रटी रहल अपराधमे न्यूनिकरण हुइना बटैलै ।

ओरेक नेपालके जिल्ला संयोजक बिनु रानाके अध्यक्षतामे हुइल कार्यक्रममे उहाँ कार्यक्रमके उद्देश्यबारे जानकारी डेहल रहिट । कार्यक्रममे स्वागत तथा संचालन कार्यक्रम संयोजक गिता चौधरी करले रहिट । अभिमुखीकरण कार्यक्रममे महिला तथा बालबालिकाके क्षेत्रमे काम करटी आइल संघ संस्थाके प्रतिनिधि, मानव अधिकारके क्षेत्रमे काम करटी संस्थाके प्रतिनिधिहुकनके उपस्थिति रहे ।