पाकल धानसंगे डस्या

धनगढी, २५ कुवाँर । नेपालीहुकनके घर अंगनामे डस्या आगिल बा । कामके शिलशिलामे घरसे बाहेर गैल मनै घर अइटी रहल बाटै । सक्कु घरमे डस्याके सामाजामा फेन अप्ने क्षमता अनुसार हुइटी रहल बा । गाउँघर, शहर बजारमे डस्याके चहलपहल बह्रटी गैल बा । उत्साह ठप्टी रहल बा ।

यहेबीच गाउँघरमे धान कटाही फेन मचल बा । खेटुवामे लगाइल धान पाकलपाछे गाउँघरमे धान कट्न हो कि, डस्याक् तयारी कर्नावारे फेन हम्मे–हम्मे परल बा । खेटुवामे पाकल धान कट्टी रहल कैलारी गाउँपालिका–६ के सियाराम चौधरी कहलै–‘डस्या फेन आगिल । ओहोर खेटुवामे सक्कु धान फेन पाकगिल । सामाजामा कर्ना हो कि धान कट्ना हो । संगे होगिल ।’

चालु बरसके असारके सुरुवाती दिनमे पानी नैपरलपाछे किसानहुकन धान लगैनामे आफट हुइल रहिन । मने पाछे निरन्तर पानी परलपाछे किसानहुकनके फसल फेन सप्रल बा । जेहिसे किसानहुक्रे उत्साहित फेन हुइल बाटै । धानके उत्पादन मजा रहल किसानहुक्रे बटैठै । मने डस्या ओ पाकल धान संगे हुइलओरसे ओत्रा खुलके टिहुवार मनैना अवस्था भर नैबिल्गाइल डोसर किसान रमेश चौधरीके कहाई बा ।

कैलालीके किसानहुक्रे आजकाल धमाधम धान कटाहीमे जुटल बाटै । कोइ परम्परागत ढंग अर्थात हसियासे धान कट्नामे जुटल बाटै । कलेसे कोई यन्त्र उपकरणके प्रयोगसे धान कटाहीमे लागल बाटै । आजकाल पावर टिलरमे रिपर जडान करके ओ ट्रक्टरमे कम्पाइन मेसिन जडान करके धान कट्ना काम हुइटी रहल हो ।

यहेबीच डस्याक् मुख्य–मुख्य दिन गन्ती फेन हुई लागल बा । आम नेपालीहुक्रे बुधके रोज घट्स्थापनाके रुपमे आ–आपन घरमे डस्या भिट्¥याइले बाटै । ओस्टके टरटिहुवार मनैना अप्ने मौलिक टौरटरिका रहल थारु समुदाय फेन अन्य समुदाय जस्टे ज्यौरा ढारके डस्याक् विधिवत सुरुवात करल हुइट ।

जखोर लेक परिषद (इन्जल) नेपालसे प्रकाशित थारु भित्तेपात्रोके अनुसार २४ गते दहितन्के ज्यौरा ढर्ना दिन परल रहे । कलेसे आम थारुहुक्रे आज विफेक् रोज ज्यौरा ढरटी रहल बाटै ।

ओस्टके ओहे भित्तेपात्रोमे उल्लेख करल मिति अनुसार २८ गते दहितन्के श्राढ डेना दिन परल बा । कलेसे २९ गते झोल झर्ना, ३० गते पैनस्टोपी ढोइना ओ ३१ गते ढिक्रहुवा परल बा । साथे कार्तिक १ गते पिट्रहुवा ओ २ गते टीका अर्थात विजयादशमी परल हो ।