प्रदेश ७ मे भूमि सम्बन्धी लागत संकलन, अव्यवस्थित बसोबास व्यवस्थापन प्रथमिकतामे

धनगढी, १२ सावन । प्रदेश नं. ७ के हालसमके भू–अवस्था सम्बन्धी लगत संकलन करगिल बा । भूमी व्यवस्था कृषि तथा सहकारी मन्त्रालय प्रदेशस्थित ९ जिल्लाके भूमी सम्बन्धी लगत संकलन करके टमान ऐन कानून निर्माणके लाग छलफल सुरु कर्ले बा ।

प्रदेशमे रहल भूउपयोगके अवस्था, वन क्षेत्र, अव्यस्थित बसोबास, मुक्तकमैया, सुकुमवासी, मुक्तहलियालगायतके समस्या समाधानलगायतके विषयमे छलफल सुरु करल हो । यहेबीच सांसदहुकनके सामाजिक विकास समितिमे फेन प्रदेशके भू–अवस्थावारे छलफल सुरु करल भूमी व्यवस्था, कृषि तथा सहकारी मन्त्रालयके उपसचिव जगदिश सिवाकोटी जानकारी डेलै ।

उहाँके अनुसार प्रदेश नं. ७ के जम्मा क्षेत्रफल १९ हजार ७९.५२ बर्ग किलोमिटर रहल बा । जौन नेपालके कुल क्षेत्रफलके १३ प्रतिशत हो । ओस्टके यहाँ ३ लाख ८ हजार ७७ हेक्टर क्षेत्रफलमे खेती करगिल बा ।

ओस्टके उ समितिमे प्रादेशिक कानुन निर्माण नैहुइल ओ टमान कानूनी अष्पष्टता रहल हालके अवस्थामे कसिक कानूनी अडचन फुकैना वारेमे फेन छलफल हुइल बा । प्रदेश संसद सचिवालयके सचिव बालाराम शर्माके अनुसार प्रदेश स्तरमे आवश्यक पर्न भूमी सम्बन्धी नाप नक्सा प्राप्त नैहुइल ओ विद्यमान सुकुम्बासी, कमैया, हलिया, अब्यबस्थित बसोबासी लगायतके समस्या अभिन समाधान नैहुइलओरसे कसिन कानून बनैना ? वारेमे छलफल हुइल बा ।

साथे सार्वजनिक जग्गा, वन क्षेत्रके जग्गाके सुरक्षा, जग्गा अतिक्रमण करके लम्मा समयसे भोग करटी रहल जग्गाके व्यवस्थापन, भूउपयोग नीतिके प्रभावकारी कार्यान्वयन, भूमिसम्बन्धी अभिलेख व्यवस्थित कर्ना, एकिकृत तथा ब्यबस्थित बसोबास कर्ना ओ वैज्ञानिक भूमिसुधार कार्यान्वयन करके कृषकहुकनके भूमिउप्परके पहुँच अभिवृद्धिके लाग ऐन कानून निर्माणके लाग छलफल हुइल सचिव शर्मा जानकारी डेलै ।

‘समितिमे खासकैके बर्षौ बरससे अव्यस्थित तथा ऐलानी जग्गामे बासोबास करटी आइल हुकन व्पवस्थित कर्ना विषयमे छलफल केन्द्रीत हुइल रहे’, सचिव शर्मा कहलै–‘व्यवस्थापन नैहुइल कारण राज्यहे फेन घाटा हुइटा । काहेकी जग्गा भोगचलन हुइटा, मने सरकारहे राजश्व प्राप्त नैहोके घाटा हुइल बा ।

व्यवस्थापन कर्लेसे राजश्व फेन प्राप्त हुइना ओ संगे ऐलानी जग्गामे बसोबास करुइयाहुक्रे लालपूर्जा पैलेसे टमान व्यवसाय करे सेकही ।

’भूमी व्यवस्था कृषि तथा सहकारी मन्त्रालयसे प्रस्तुत करल कार्यपत्र उप्पर समितिमे छलफल हुइलपाछे समितिसे प्रतिबेदन तयार कर्ना
हुइल बा ।

जौन प्रतिबेदन तयारी अवस्थामे फेन रहल जनागिल बा । उ संसदीय समिति भुमी व्यवस्था कृषि तथा सहकारी मन्त्रालयहे आवश्यक कानून निर्माणके लाग सुझावसहितके प्रतिबेदन तयार करके पेश कर्ना कानूनी प्रावधान रहल सचिव शर्मा बटैलै ।

ओकरपाछे मन्त्रालयसे कानून निर्माण करके कार्यान्वयन प्रक्रियामे जैना फेन सचिव शर्मा जनैलै ।