आन्तरिक द्वन्द्वसे लौसाके विद्यालय बन्द

उदासीपुर (लौसा) ३० जेठ । अध्ययनरत अधिकांश विद्यार्थी निजी विद्यालयमे भर्ना हुइलपाछे यहाँके एक सामुदायिक विद्यालय बन्द हुइल बा ।

जिल्लाके कैलारी गाउँपालिका–८ लौसास्थित जनता प्राथमिक विद्यालयमे विद्यार्थी भर्ना नैहुइलपाछे बन्द हुइल हो ।

शैशिक सत्र ०६९ / ०७० मे उ विद्यालयमे कक्षा ८ समके पठनपाठन हुइटी आइल रहे । मने पछिल्का समय उ विद्यालयमे विद्यार्थी संख्या घट्टी आइल रहे । चालु शैक्षिके सत्रमे कक्षा १ से ५ समक कौनो फेन तहमे विद्यार्थी भर्ना नैहुइलपाछे बन्द कराइ परल विद्यालय व्यवस्थापन समितिके अध्यक्ष जगतराम कठरिया बटैलै ।

विद्यालय सञ्चालन करेक लाग ढिउर कोसिस करल जिकिर कहटी उहाँ कहलै–‘गैल बरस स्थानीय अभिभावकहुकनहे भेला करके अन्यत्र भर्ना हुइल विद्यार्थीहुकनहे फर्काके विद्यालय सञ्चालन कर्ली, मने यी साल नैसेकगिल ।’

ओस्टके, कम विद्याथीहुकनहे विद्यालयके शिक्षकहुक्रे गुणस्तरीय शिक्षा डेहे नैसेकलपाछे विद्यार्थीहुक्रे औरे विद्यालयमे गैल अध्यक्ष कठरियाके दाबी बा । ‘शिक्षकहुकनहे कम विद्यार्थीनहे गुणस्तरीय शिक्षा प्रदान करेक लाग अनुरोध कर्ली मने शिक्षकहुक्रे डेहे नैसेक्लै ओ विद्यालय यी अवस्थामे पुगल हो ।’

२०५० सालमे स्थापना हुइल विद्यालयमे कुछ बरस आघेसम २ सय जानेसम विद्यार्थी अध्ययनरत रहिट । मने हाल उ विद्यालयमे बाल विकास केन्द्र किल सञ्चालनमे रहल बा ।। बाल विकास केन्द्रमे फेन जम्मा १३ जाने किल विद्यार्थी रहल बाल विकास केन्द्रके शिक्षिका प्रेमकुमारी कठरिया बटैली ।

विद्यार्थी भर्ना नैहुइलपाछे विद्यालयके शिक्षकहुक्रे औरे विद्यालयमे काज सरुवाके प्रक्रियामे लागल बाटै । ३ जाने राहत दरबन्दी, २ जाने बाल विकास केन्द्र शिक्षक ओ १ जाने कार्यालय सहयोगी करके यीे विद्यालयमे ६ जाने शिक्षक कार्यरत बाटै ।

विद्यार्थी भर्ना नैहुइलपाछे विद्यालय व्यवस्थापन समिति बाल विकास केन्द्र वाहेकके शिक्षकहुकनहे काज सरुवाके लाग कैलारी गाउँपालिकाहे सिफारिस कर्ले बा । मने अभिन फेन काज सरुवावारे टुंगो नैलागल विद्यालयके प्रधानाध्यापक गोरख बहादुर नेपाली बटैलै ।

मने विद्यालयके पठनपाठन गुणस्तरीय नैरहल आरोप भर निराधार रहल विद्यालयके प्रधानाध्यापक नेपालीके कहाई बा ।

‘हम्रे कक्षाभार अनुसार शिक्षण तथा पठन पाठन करैना हो । करैटी आइल बाटी । करैटी रहब । विद्यालय बन्द हुइल दोष भर हमार कपारिम फेकैना कहाँसमके नैतिकता हो ?’– उहाँ कहलै्–‘शिक्षा ऐन अनुसार एक शिक्षक बराबर ५० जाने विद्यार्थी हुइक परठ । मने शिक्षक भार अनुसार विद्यार्थी नैहुइलपाछे विद्यालय यी अवस्थामे पुगल हो ।’

ओस्टके, प्रअ नेपाली विद्यालय बन्द हुइनाके प्रमुख कारण आन्तरिक विवाद रहल खुलासा समेत कर्लै । समिति ओ राहत दरबन्दीमे कार्यरत शिक्षकबीचके विवादसे विद्यालय बन्दो संघारमे पुगल उहाँके कहाई बा ।

उहाँके अनुसार विद्यालय व्यवस्थापन समितिसे अन्य शिक्षकहुकन तलब खुवाइक ओ विद्यालय सञ्चालनके लाग राहत शिक्षकहुकनके तलब विद्यालयके खातामे आइक पर्ना दवाब सिर्जना करल रहे । मने राहत शिक्षकहुक्रे आपन तलब नैडेना अडान लेहलपाछे टक्रावके अवस्था सिर्जना हुइल प्रअ नेपालीके कहाई बा । विद्यालयके यी विवादवारे अभिभावक हुइटी विद्यार्थीसम पुगलपाछे विद्यार्थीनके संख्यामे कमी आइल बटागिल बा ।

लौसाके स्थानीय समाजसेवी डम्मन कठरिया यी विद्यालय स्थापनाके लाग ४ कठ्ठा जग्गा दान करल रहिट । हाल यी जग्गामे २/२ कोठे ३ ठो पक्की भवन, १ ठो कच्ची भवन, २ ठो पक्की शौचालय, ३ ठो बच्चा खेल्न झुला ओ २ ठो नल्कालगायत संरचना निर्माण करगिल बा ।