कृषि अनुदानमे छोट किसान उपेक्षित

धनगढी, २३ जेठ । टमान स्थानीय निकाय ओ संघ–संस्थासे वितरण हुइना कृषि अनुदानमे साना किसानहुक्रे उपेक्षित हुइल गुनासो कर्ले बाटै ।
कृषि अनुदानमे जे पूजीपति ओ ढिउर जमिनके मालिक बा, उहाँहुकनहे किल लक्षित करके अनुदान कार्यक्रम अइटी रहल कहटी उहाँहुक्रे गुनासो करल हुइट ।

दलित महिला अधिकार मञ्च कैलालीसे बुधके रोज कैलारी गाउँपालिका–१ प्रगति टोलमे करल छलफल चौतारीमे सहभागी किसानहुक्रे कहलै–‘छोट किसानन ठे कम जमिन रहठ मने सरकार १५ विघा जमिन एकिकृत करके पकेटके अवधारणा नन्ले बा ।’

सरकारसे पैना सेवा सुविधा ओहे पुँजीपति अर्थात पैसावालाहुक्रे किल उपभोग करटी आइल बटैठै स्थानीय जेउरा बेबरी कृषक समूहके सदस्य मिना चौधरी । उहाँ साना किसानहुक्रे छोटछोट प्रक्रिया तथा नीतिगत समस्या झेल्न बाध्य हुइल फेन गुनासो कर्ली ।

साना किसानहुक्रे समयमे बीउ, खाद्य मल, सिचाईके माग पुर्ति नैहोके पुराने समस्या झेल्टी आइल फेन गुनासो कर्ले बाटै । ढिउर मेहनतके बाबजुद उत्पादन करल कृषि उपजके फेन मोल नैपाइल कृषकहुकनके पीडा बा ।

ओस्टके बेताल कृषक समूहके सदस्य शर्मिला बिक आघे कहठी–‘हम्रे बीउके लाग सरकारसे निर्धारण करल प्रति केजी ४०/५० रुपैया टिरके धानेक विउ किन्ठी, मे बिक्रि कर्ना बेलामे २० रुप्या प्रति किलोमे बेच्न बाध्य हुइठी । यहिहे कसिक कना हो गाउँगाउँमे सिंहदरबार ?’

कैलारी गाउँपालिकास्थित टमान कृषकहुक्रे प्रगति महिला समुह, प्रतिक्षा मिश्रित कृषक समुह, महिला कृषि व्यवसायी समुह, शिव बाबा कृषक समुह, बसन्त ऋतु जनजाती कृषक समुह लगायतमे आवद्ध सिसानहुक्रे छोट छोट क्षेत्रफलके जमिनमे खेती करटी आइल बाटै ।

उहाँहुक्रे सरकारसे कृषिमे नानल नीति परिमार्जन करके साना किसानहुकन कार्यक्रममे समावेश करेक पर्ना माग कर्ले बाटै ।

सरकारसे कृषि क्षेत्रहे लक्षित करके प्रधानमन्त्री कृषि आधुनिकिकरण परियोजना, सुपर जोन, ब्लग ओ पकेट क्षेत्र निर्धारण कर्ले बा । जौन निर्धारित कार्यक्रमके लाग सरकारसे निश्चित जग्गाके क्षेत्रफल टोकगिल बा । जौन सहभागिताके लाग साना किसानहुक्रे जमिनके एकिकृत क्षेत्रफल घटाके साना किसानके पहुँच हुइना नीति नानेक पर्ना फेन उहाँके माग बा ।

क्ैलारी गाउँपालिका कृषि शाखाके संयोजक दिपक खड्का कृषि प्रधान देशमे कृषि सम्बन्धीे ऐन कानुन ओ नीति नियम नैबनल ओरसे वास्तविक कृषक उपेक्षित हुइल बटैलै ।

उहाँके अनुसार सरकारसे नानल ब्लग कार्यक्रम अन्तरगत १५० विघा ओ पकेट कार्यक्रममे १५ विघा जमिन एकिकृत करके खेती करेक लाग साना किसानहुकन ठे जग्गाके पहुँच ओ साधन स्रोतके पहुँच नैरहल फेन बटैलै ।

पकेट एरियामे खेती कर्लेसे साना किसानहुक्रे लगानीके समस्या फेन भोग्टी आइल ओरसे स्थानीय सरकारसे छोट किसानहुकन लक्षित करके कार्यक्रम नानेक पर्ना किसानहुक्रे माग कर्ले बाटै ।