प्रदेश–७ के नाउ ‘अखण्ड सुदूरपश्चिम’ राखो

धनगढी, १८ जेठ । प्रदेश नं. ७ के नामाकरण ‘अखण्ड सुदूरपश्चिम’ राखेक् लाग प्रदेशके थारु संसदहुकनके समितिहे सुझाव डेगिल बा ।
आर्थिक बरस २०७५/०७६ के नीति तथा कार्यक्रमके लाग समितिुसे बिफेक रोज आयोजना करल सुझाव संकलन कार्यक्रममे कैलाली कञ्चनपुरस्थित स्थानीय तहके जनप्रतिनिधि तथा थारु अगुवाहुक्रे उ सुझाव डेहल हुइट ।

कञ्चनपुरके लालझाडी गाउँपालिकाके अध्यक्ष मदन बडायक नामाकरणवारे कटाक्ष करटी कहलै–‘यहाँके जा वास्तविकता हो, ओकर ओहे पहिचान तथा नामाकरण करेक पर्ना चाही । न कि कौवाक् नाउ बक्ला ढारजाए ।’

ओस्टके उहाँ सरकारके न्याय प्रणाली फेन विभेदपूर्ण रहल कहटी आक्रोश व्यक्त कर्लै । ‘टीकापुर घटनाके राजबन्दीहुकन नियतबश राज्यसे आपराधी बनागिल बा । अदालतसे दोषि ठ¥याइल व्यक्तिहे आममाफी डेहे मिल्न मने दोषि प्रमाणित नैहुइल व्यक्तिहे जेलमे कैद करके राज्य विभेद कर्ले बा’, उहाँ कहलै–‘कैदीबन्दीहुकनहे तत्काल रिहाइ करेक परी ।’

सरकारसे आपन नीति तथा कार्यक्रममे विकासके एजेण्डा संग–संगे यहाँके जनताहुकनके भावनाके सम्मान करके जाइक पर्ना फेन अध्यक्ष बडायकके सुझाव रहे ।

कैलालीके कैलारी गाउँपालिकाके अध्यक्ष लाजुराम चौधरी फेन प्रदेश–७ के नाउ अखण्ड सुदूरपश्चिम ढारेक पर्नामे जोड डेलै । उहाँ कहलै–‘हम्रे पहिचान ओ हक अधिकारके लाग बरवार बरवार आन्दोलन कर्र्ली । मने हमार पहिचान का ? ‘कि टे हम्रे नेता नैजन्माके हो कि, हुइल नेता गतिला नैहोके हो ।’

उहाँ प्रदेश नामाकरणवारे ढिउर नाम आइल बटैटी कहलै–‘यहाँ अखण्ड सुदूरपश्चिम आन्दोलनके मर्म मात्रै समेटलओरसे नामाकरण फेन ओहे आधारमे कर्ना चाही ।’

सरकारसे थारु समुदायके पहिचान ओ हक अधिकार संस्थागत कर्ना तथा स्थापित करेक लाग नीति नन्नलेसे अप्नेहुक्रे कार्यान्वयन कर्ना आतुर रहल फेन अध्यक्ष चौधरी बटैलै । ‘हमार संग नीति तथा कार्यक्रम नैहुइलओरसे ढिउर करेक पर्ना बाँकी बा । ‘कैलारी गाउँपालिकामे करिब ९० प्रतिशत थारु समुदायके बहुल्यता बा । हम्रे चाहब कलेसे कैलारी गाउँपालिकाहे स्वयक्त क्षेत्र बनाके थारु कामकाजी भाषा लागु करे सेकब । तथापि लिपिबद्ध हुइना किल बाँकी बा’, उहाँ कहलै ।

उहाँ आदिवासी जनजातिहुकनके प्रथाजन्य कानून संरक्षण ओ जल, जमिन, जंगल समेतके कृषिके आधुनिकीकरणहे जोरके नीति तथा कार्यक्रम नानेक पर्र्ना सुझाव डेलै ।

कार्यक्रममे थारु कल्याणकारिणी सभा कैलाली सचिव माधव चौधरी हालके प्रादेशिक संरचना थारु समुदायके हितमे नैहरल टिप्पणी कर्लै । थारु समुदायहे अल्पमत पार्न गरी आइल संरचनासे थारु समुदायके राजनीतिक अधिकार सुनिश्चित करे नैसेक्ना फेन उहाँ ठोकुवा कर्लै ।
उहाँ आघे कहलै–‘यी प्रदेश नामाकरणके लाग खप्तड, सेतीमहाकालीलगायत टमान नाम आइल बा, मने आन्दोलनके म्यान्डेटके आधारमे मौजुदा सुदूरपश्चिमाञ्चल विकास क्षेत्रहे प्रदेश कायम करलओरसे अखण्ड सुदूरपश्चिम नाम राख्न चाही ।

ओस्टके, थारु नागरिक समाज कैलाली संयोजक दिलबहादुर चौधरी तत्कालीन माओवादी केन्द्र ओ नेकपा एमालेके वाम गठबन्धन थारु समुदायहे लक्षित करके चुनावी प्रतिवद्धतापत्र नानल मने हाल बिस्रासेकल बटैलै ।

‘प्रदेश प्रमुख, मुख्यमन्त्री मध्ये एक थारु समुदायसे बनैना ओ प्रदेशके नामाकरण थारु शब्दसे नामाकरण कर्र्ना प्रतिबद्धता जनाके भोट मागके चुनाव जिट्ले बा । मने हाल सत्तामे पुगलपाछे सक्कु प्रतिवद्धता बिस्रैले बा’, उहाँ कहलै । पहिचान ओ अधिकारबारे प्रदेश सांसद ओ सरकार गम्भिर बनेक पर्ना फेन उहाँके सुझाव बा ।

घोडाघोडी नगरपालिकाके मेयर ममताप्रसाद चौधरी प्रदेश सरकार थारु बाहुल क्षेत्रके लाग आपना नीति तथा कार्यक्रम नानेबरर भाषा, कृषि, शिक्षाहे विशेष जोड डेके नानेक पर्ना औल्याइलै ।

उहाँ हालसम मुक्तकमैयाहुकनके पनुस्र्थापना नैहुइल प्रति आक्रोश व्यक्त करटी कहलै–‘यहाँ थारु हुइल कारण फेन ढिउर समस्याके समाधान हुइ नैसेकल हो । मुक्तकमैयाहुक्रे थारु हुइल कारण हालसम शिविरमे बैठेक पर्र्ना बाध्यता बा । आब सरकारसे ठोस नीति नानके तत्काल समस्याके समाधान करेक पर्ना बा ।’

ओस्टके, थारु सांसद तथा अगुवाहुक्रे थारु समुदायमे ढिउर डेखगिल सिकलसेल एनिमिया रोग नियन्त्रणके लाग बिशेष कार्यक्रम नीति तथा कार्यक्रममे नानेक पर्नामे जोड डेलै । साथे प्रत्येक स्थानीय तहसे सिकलसेल ओ मुटु रोग निवारणके लाग कोषके व्यवस्था करेक पर्ना माग कर्लै ।

कार्यक्रममे राष्ट्रिय जनता पार्टीके सांसद मालामति रानाथारु समुदायके पहिचान, हक अधिकार स्थापना ओ टीकापुर घटनाके कैदीबन्दीहुकनके रिहाईके लाग सक्कु जे एक ढिक्का हुइक पर्ना बटैली । प्राप्त सुझावहे नीति तथा कार्यक्रममे समावेश कराइक लाग संसदमे आवाज उठैना फेन उहाँ प्रतिवद्धता जनैली ।

कार्यक्रममे उठल सवालवारे आपन धारणा राख्टी प्रदेश सांसद वीरमान चौधरी प्राप्त उपलब्धीके संस्थागत करके बाँकी सवालके लाग संघर्ष जारी राखेक पर्ना बटैलै । प्राप्त सुझावहे टेकके नीति तथा कार्यक्रम तयारीके लाग पेश कर्ना उहाँके कहाई रहे । साथे, सांसद चौधरी गठन हुइना थारु आयोगसे फेन प्राप्त हुइना बाँकी अधिकार संस्थागत करे सेकजिना बटैलै ।

राष्ट्रिय सभा सदस्य हरिराम चौधरी ‘उत्सव’ आइल सुझाबहे गम्भीरतापूर्वक लेहल बटैलै । सम्बोधन हुइना बाँकी सवालहे संविधान संशोधन करके उठान करेक पर्नामे जोड डेटी सांसद चौधरी टुटल मन जोरक लाग छलफल जारी रहल जनैलै ।