खप्तड धर्तीके स्वर्ग होः जगतगुरु शंकराचार्य
धनगढी,४ जेठ । प्रदेश नम्बर सातमे पर्ना खप्तड धर्तीके स्वर्ग रहल जगतगुरु शंकराचार्य बटैले बाटी ।
शुकके रोज धनगढीमे आयोजित पत्रकार सम्मेलनमे बैशाख २८ से जेठ २ गतेसम हुइल अन्तर्राष्ट्रिय सांस्कृतिक खप्तड पदयात्राके अनुभव सुनैटी उहाँ उ बाट बताइल रहिट । प्रदेश–७ मे पर्ना खप्तड स्वर्ग हो कना सुनगिल रहे, वास्तममे उ क्षेत्रमे घुमेबेर टे घर्तीके स्वर्ग जैसिन लागल जगतगुरु कहली । खप्तडके हरेक क्षेत्रमे अवलोकन करेबेर स्वर्गके अनुभव हुइल जगतगुरु कहली ।
नेपाली साहित्य तथा संस्कृति प्रतिष्ठानके आयोजनामे पहिल बार प्रदेशके पर्यटन प्रवद्र्धन ओ सांस्कृतिक जागरणके लाग कैलालीके गोदावरी धामसे खप्तडसम पदयात्रा हुई रहे । प्रदेश ७ मे रहल महत्वपूर्ण पर्यटकीय क्षेत्रके विषयमे राष्ट्रिय, अन्तर्राष्ट्रिय रूपमे प्रचारप्रसार कैना उद्देश्यसे खप्तड पदयात्रा करल प्रतिष्ठानके संयोजक पदमराज जोशी बटैलै ।
पदयात्रामे भारत ओ नेपालके पर्यटन प्रवद्र्धनमे लागल महत्वपूर्ण व्यक्ति, पर्यटनके विषयमे लिख्न सञ्चारकर्मी, लेखक, साहित्यकार लगायत ४ सय जनहनके सहभागिता रहल संयोजक बटैलै ।
खप्तड पदयात्राके क्रममे कैलालीके गोदावरी, भगवानके दस अवतारमध्ये परशुराम अवतार रहल डडेल्धुराके परशुराम धाम, चुरे पहाडके मध्यभागमे रहल प्रसिद्ध आली ताल, वेतकोट ताल, नेपाल एकीकरणमे पश्चिम विजयके लाग स्थापना करल अमरगढी किल्ला, डडेल्धुराके प्रसिद्ध घटाल थान, उग्रतारा मन्दिरके अवलोकन कैगिल आयोजक जनैले बा ।
ओस्टेक करके डोटी ओ डडेल्धुराो सिमानामे पर्ना सेती लदयक किनारामे रहल प्रसिद्ध गगनान क्षेत्र, डोटीके प्रसिद्ध शालमुनि भागेश्वर, डोटीके दिपायल कोट ओ प्रसिद्ध शैलेश्वरी मन्दिर जैसिन धार्मिक, सांस्कृतिक पर्यटकीय क्षेत्रकेफे अवलोकन करल कैगिल रहे । खप्तड अन्तर्राष्ट्रिय सांस्कृतिक पद–यात्रा तथा कव्य सम्मेलन २०७५ के प्रथम श्रृखला समापन कार्यक्रममे केन्द्रीय प्रभारी मदनराज पाण्डे अपन अनुभव सुनैले रहिट ।













