टीकापुरके मुक्त कमैया व्यावसाहिक बेम्टी खेतीमे

टीकापुर, १४ माघ । टीकापुरस्थित शिवनगर मुक्तकमैया शिविरके मुक्तकमैयाहुक्रे व्यावसायिक रुपमा बेम्टी खेती आकर्षित हुइल बाटै ।
शिवमुक्त कृषक समूह गठन करके उहाँहुक्रे सामूहिक रुपमे व्यावसायिक बेम्टी खेती करल हुइट । तरकारी खेतीसे फेन बेम्टी खेतीके लाग जग्गा जमिन ओ लगानी कम हुइलेसे फेन करे सेकजिना ओ सहजुलेसे बिक्री करके आम्दानी मजा हुइल ओरसे व्यवसायिक रुपमे बेम्टी खेतीक् शुरुवाट करल समूहके संयोजक दिलकु डगौरा बटैलै ।

शिवनगर मुक्तकमैया शिविरके ३ सय ५० घर मध्ये समूहमे २९ जहनके आवद्धता रहल बा । कलेसे ओहे समूहके १४ जाने सामुहिक रुपमे व्यावसायिक रुपमे बेम्टी खेती करटी रहल बाटै । उहाँहुक्रे सामूहिक रुपमे कोइ पैरा कट्ना, कोइ बफाइना, कोइ बिया राखके पोका बनैना टे कोइ मिलाके कोठामे ढरना करटी रहल बाटै ।

असिक उहाँहुकनके दैनिकी बेम्टी खेतीमे बिटैटी रहल कृषक गुलाबी चौधरीे बटैली । उहाँ अब्बा सम बाँसके ¥याक बनाके १ हजार ४ सय पोका च्याउके बीउ ढारसेकल ओ २ हजार पोका च्याउ रख्न लक्ष्य रहल सुनैली ।

प्रधानमन्त्री कृषि आधुनिकीकरण परियोजना अन्र्तगत उहाँहुक्रे बेम्टी खेती करटी र हल बाटै । परियोजनाके ३ लाख अनुदान सहयोग रहल जनागिल बा । समुहसे हालसमके चालु खर्च ५० हजार, पँुजीगत खर्च २ लाख ३२ हजार ओ तालिम गोष्ठी १८ हजार सहित ३ लाखके आर्थिक अनुदानमे उहाँहुक्रे व्यावसायिक बेम्टी खेती शुरुवातकरल हुइट ।

बेम्टी खेतीके लाग स्थानीय स्रोत साधनके प्रयोग करके उहाँहुक्रे उत्पादनमे लागल बाटै । यकर लाग उहाँहुक्रे प्रति सदस्य ३ हजार आर्थिक संकलन करके डेढ महिनासे बेम्टी खेतीके लाग काम करटी रहल बाटै । बेम्टी खेतीक् लाग उहाँहुक्रे अभिनसम आपन समुहसे ७५ हजार बराबरके घर निमार्णके लाग चहना आवश्यक बाँस, खर, पराल ओ प्लाष्टिक लगायतमे खर्च करसेक्ले बाटै ।

उहाँहुक्रे डेढ महिनासे निरन्तर रुपमे बेम्टी उत्पादनके लाग समय खर्च करटी रहल बाटै । बजारीकरणके सम्भावना प्रशस्त शिवमुक्त कृषक समुह शिवनगरमे २ विगाहके क्षेत्रफल जग्गामे व्यावसायिक तरकारी खेती करटी अइलेसे फेन खासे मुनाफा ओ बजारमे प्रतिस्पर्धा करे नै सेकल ओरसे अब्बा च्याउ खेतीमे लागल हुइट ।

तरकारी खेती करटी अइलेसे फेन मुल्यमे प्रतिस्पर्धा करे नै सेक्के मजा मुनाफा नै पाइल ओरसे व्यावसायिक बेम्टी खेती करटी रहल दिलकु डगौरा बटैलै ।

उहाँ कहलै–‘स्वास्थ्यके दृष्टिसे फाइदा ओ सस्ता मोलमे पैना हुइल ओरसे गाउँ घरमे खपट हुइठ । बजार मे बिकठ कना नै हो, मजा सस्त ताजा हुइलेसे सबकोइ मन परैठै । एकबार नै होके लगातार उत्पादन होके समस्या नै परी ।’

एकचो ढेउर मात्रामे च्याउ उत्पादन करे सेक्लेसे बरवार बजारमे लैजाके बेचे सेक्ना हुइल ओरसे समस्या नै रहल चौधरी बटैली । उहाँ उत्पादन पश्चात बिक्रीके लाग बजारके सम्भावना खोजी हुइटी रहल ओ व्यवसायी संग सम्पर्क समन्वय हुइटी रहल बजारीकरणके लाग समस्या नै रहल उहाँ कहली । स्वरोजगारमुखी ओ जिविकोपार्जनमे सहजता हुइना मुक्त कमैया शिविरमे अधिकांसके रोजगारी दैनिक मजदुरी रहल बा ।

मने नियमित रुपमे काम नै पैना ओ काम पैलेसे फेन पैसा नगद नै हुइल ओरसे मुक्तकमैयाहुक्रे बेम्टी खेती करटी रहल बाटै । बजारमे एक दिन काम करलेसे दुई दिन काम मागे जाइ परना बाध्यता रहल ओरसे कुछ करी स्वरोजगार बनी कहिके सामुहिक रुपमे खेती करटी रहल गुलाबी कहली ।

उहाँ बेम्टी खेती करके पोषणके लाग मजा ओ अपने स्वरोजगार बनल संगे घरके बालबालिकाहे शिक्षा लगायत कार्यमे सहयोग पुग्न हुइल ओरसे खेती करटी रहल बटैली । पहुराबाट