रेशमके मुद्धा समग्र समुदायके रहल बटैटी थारु अगुवा कहलै राज्यहे दवावके लाग अन्तर्राट्रिय दवाव जरुरी
धनगढी, १० माघ । टीकापुर घटनाके आरोपी सांसद रेशम चौधरी उप्पर लागल मुद्धा समग्र थारु समुदायमे लगाइल मुद्धा रहल थारु अगुवाहुक्रे बटैले बाटै ।

थारु पत्रकार संघ कैलालीसे मंगरके रोज धनगढीमे आयोजित समसमायिक विषयमे छलफल कार्यक्रममे सहभागी थारु अगुवाहुक्रे उ वात बट्वाइल हुइट ।
संयुक्त राष्ट्र संघके आदिवासी जनजाति एसिया महासंघके उपाध्यक्ष फूलमान चौधरी कहलै–‘रेशम चौधरीके मुद्धा केवल रेशम चौधरीके किल नाई हो, समग्र्र थारु समुदायके, आदिवासी जनजातिहुकनके मुद्धा हो ।’
स्वायत्त मुलुकके जनता थारु समुदाय फेन रहल ओरसे जनताहुकनके अभिमतसे बिजय हुइल सांसदहे सर्वोच्च अदालत कसिक हेरटी बा कना सवाल पैदा हुइल उहाँ उल्लेख कर्लै । हाल सर्वोच्च अदालत ओ राज्य थारुहुकन हेर्ना भूमिका स्पष्ट पारेक पर्ना फेन जरुरी रहल बटैटी उहाँ थारु समुदाय सहि समयमे सहि तरिकासे हठौडा मारे सेके पर्ना जरुरी रहल औल्यालै ।
‘टीकापुर घटनाके मुद्धामे राज्यसे कानूनी डगर बन्द करल अवस्थामे हम्रे अन्तर्राष्ट्रिय स्तरके ह्युमन राइट काउन्सिलसे फेन पहल खोजेक पर्ना जरुरी बा, जेहिसे राज्यहे बरवार दवाव सिर्जना हुई ।’
ओस्टके उहाँ कोई कोई थारु समुदायहे नाचगानमे किल सीमित रहल बटैलेसे फेन हमार सांस्कृतिक पक्षमे बहुट दम रहल बटैलै । ‘कल्चर क्याम्पेनिङमे राज्यके हस्तक्षेप कम रहठ, कल्चरल क्यामपेनिङसे फेन राजनीतिक उदेश्य हासिल करे सेकजाई’, उपाध्यक्ष चौधरी आघे कहलै ।
कार्यक्रममे अधिवक्ता नाथुराम महतो कानुनी अडचनके कारण रेशम चौधरी बिजयके प्रमाणपत्र नैपाइल स्पष्ट पर्लै । जौन मुद्धामे जेल जीवन बिटैटी आइल हुकनके मुद्धा सरटी जैना फेन रहस्यमय रहल बटैटी उहाँ न्यायधिसहुक्रे फेन राजनीतिक मुद्धा रहल कहटी मुद्धाहे पन्छैटी गैल ठोकुवा कर्लै ।
रेशम चौधरी आब जल्डी अदालतमे उपस्थित हुइनामे अप्नेहुक्रे आशावादी रहल उल्लेख करटी उहाँ वास्तवमे गैरथारुहुक्रे फेन जातिय सद्भाव कायम कर्ना चाहले बाटै कलेसे मुद्धा दायर करुइयाहुक्रे मुद्धा फिर्ता कर्ना जरुरी रहल ओ फिर्ताके लाग दवाव डेना फेन जरुरी रहल बटैलै । भदौ ८ गतेक् आजजनी पीडितहुक्रे फेन मुद्धा दर्ता करेक पर्ना जरुरी रहल अधिवक्ता महतोके कहाई बा ।
थारु नागरिक समाज कैलाली संयोजक दिलबहादुर चौधरी अभिन फेन थारु समुदाय आपन हक अधिकारके लाग राज्यहे दवाव डेहे नैसेकल ओ लरे नैसेकल, बोले नैसेकल बटैलै । जौनकारण थारु आन्दोलन निर्णायक बने नैसेकल उहाँके कहाई बा ।
संयोजक चौधरी अब्बाके अवस्थामे थारु बहुल्य क्षेत्रके स्थानीय निकायमे थारु भाषाहे सरकारी कामकाजी भाषा बनाइक पर्ना ओ पाठ्यक्रमके लाग आवाज उठाइक पर्ना जरुरी रहल औल्याइलै ।
अधिवक्ता जोहारीलाल चौधरी फेन थारु बाहुल्य क्षेत्रके स्थानीय निकायमे थारु भाषाले सरकारी कामकाजी बनाइक पर्नामे जोड डेलै । जेकर लाग बौद्धिक वहस कर्ना ओ निकासके लाग दवाव सिर्जना करेक पर्ना उहाँके कहाई बा ।
थारु कल्याणकारिणी सभाके केन्द्रीय सदस्य इन्दिरा चौधरी समयानुसार संस्कृतिके संरक्षण ओ सम्वद्र्धनमे जोड डेली । माघमे माघौटा, ढमार, मागर गैना छोरके सखिया, सजना गैटी रहल बटैटी उहाँ थारु समुदाय अप्नेही आपन संस्कृतिके मजाक उरैटी रहल टिप्पणी कर्ली ।
कार्यक्रममे थारु अगुवा चन्द्रसिंह चौधरी समाज विकासके लाग सकारात्मक सोचके विकास जरुरी रहल बटैलै । सकारात्मक सोचसे किल समाज परिवर्तन सम्भव रहलओरसे समयानुसार प्राप्त उपलब्धीके सदुपयोग करटी आघे बह्रेक पर्नामे जोड डेलै ।
ओस्टके थारु विद्यार्थी समाजके केन्द्रीय उपाध्यक्ष ठाकुरप्रसाद करियाप्रधान समय अनुरुप प्राप्त उपलब्धीके सदुपयोग करेक पर्ना बटैलै । समाजमे रहल नकारात्मक चलन ओ प्रथाहे हटैटी जाइक पर्ना उल्लेख कर्लै ।
कार्यक्रममे थारु पत्रकार संघके केन्द्रीय अध्यक्ष मदन चौधरी भाषिक क्रान्तिमे पहुरा दैनिकके अहम भूमिका रहल कहटी चर्चा कर्लै । अप्नेहुक्रे आन्दोलनके लाग टायर बारे नैसेक्लेसे फेन भाषिक, सांस्कृतिक ओ सामाजिक पाटोहे जोडदार तरिकासे पत्रकारिताके माध्यमसे उठान करेक पर्नामे जोड डेलै । समुदायके मुद्धा राज्य सामु प्रस्तुत कर्ना ओ कार्यान्वयनके लाग दवाव सिर्जना कर्ना अप्नेहुक्रे प्रतिवद्ध रहल अध्यक्ष चौधरी बटैलै ।
थारु पत्रकार संघके केन्द्रीय सचिव इन्दु थारु अप्नेहुक्रे प्रत्यक्ष रुपमे आन्दोलनके मोर्चामे नैरहलेसे फेन आपन भिट्टर हक अधिकारके लाग असन्तुष्टीके ज्वाला डम्कटी बटैली । जौन ज्वाला आन्दोलनके लाग काफी रहल फेन उहाँके कहाई रहे ।
संघके कैलाली अध्यक्ष प्रेम चौधरीके घरगोसियाईमे हुइल कार्यक्रमके सञ्चालन संघके प्रदेश नंं ७ संयोजक उन्नती चौधरीसे हुइल रहे ।













