मजगाउँमे माघी महोत्सवसे कला, संस्कृति भावी पुस्ताहे स्तान्तरणमे जोड
धनगढी,९ माघ । कैलालीके गोदावरी नगरपालिका–८ मजगाउँमे सोम्मारसे नगर स्तरिय तीन दिने माघी महोत्सव सुरु हुइल बा ।
‘थारु भाषा कला संस्कृति गीतबास हमार पहिचान, अधिकार सुनिश्चत व समृद्ध समाज निर्माण करना हमार साझा अभियान’ कना मूल नाराके साथ हुइटी रहल महोत्सव उदघाटन कार्यक्रमके पहुनाहुक्रे पुर्खानके सिखाइल कला, संस्कृति पहिचानके लाग भावी पुस्ता हस्तान्तरण कैना जरुरी रहल बटैलै ।
कैलाली क्षेत्र–४ से प्रतिनिधिसभा सदस्यमे निर्वाचित ओ महोत्सव उदघाटनशत्रके वर्का पहुना बनल लेखराज भट्ट हरेक समुदायके आ–अपन कला, संस्कृति रहलेसेफे थारु समुदाय भर कला, संस्कृतिके धनी समुदाय रहलओरसे यिहीहे भावी पुस्तामे हस्तान्तरण कैना वा बचैना जरुरी रहल बटैलै । गोदावरी नगरपालिकामे सक्कु समुदायके मिश्रित बस्ती रहल ओरसे यहाँक आर्थिक समृद्धिके लाग हातेमालो कैके जैना आवश्यक उहाँ जोड डेलै ।
प्रदेशसभा सदस्य चुनकुमारी चौधरी समय परिवर्तनसंगे थारु कला, संस्कृतिफे बदल्टी गैल कहटी पुर्खानके सिखाइल परम्परा, कला, संस्कृति भेष, भुषा चालचलन विस्राई नइहुइना बटैली । पुरान गीतबाँस यूवा पिढीमे हस्तान्तरण हुई नाइसेकल कारण विस्तारे–विस्तारे लोप हुइटी गैल उहाँ बटैली । थारु माघी महोत्सव कला, संस्कृति जोगैनामे टेवा पुगाइल कहटी यिहीहे निरन्तरता डेना जरुरी रहल कहली ।
गोदावरी नगरपालिका प्रमुख हरिसिंह साउद थारु समुदायके कला, संस्कृति जोगैनामे नगरपालिका पाछे नइपर्ना बटैलै । उहाँ मजगाउँमे थारु संग्राहलय स्थापना हुइलसेसे सहयोग कैनाफे प्रतिबद्धता जनैलै ।
गौरीगंगा नगरपालिकाके उपप्रमुख अंचला चौधरी हरेक समुदायके कला, संस्कृति, भेषभूषा बचैना राज्यके दायित्य रहल बटैली । संविधान कार्यान्वयनके लाग स्थानीय, प्रदेश ओ संघके निर्वाचन होसेकल कहटी आब आर्थिक, सास्कृतिक अधिकार लेहक लाग सबसे आघे सरना जरुरी रहल बटैली । गौरीगंगा नगरपालिकासे थारु समुदायके कला, संस्कृति जोगाइक लाग बजेट विनियोजन करुवाइल ओरसे अपन अधिकार स्थानीय तहहे खोज्ना उपप्रमुख उहाँ कहली ।
थारु कल्याणकारिणी सभा कैलालीके पूर्व सभापति प्रभातकुमार चौधरी थारु आयोग गठन हुइलेसेफे कार्यान्वयन नइहुइल कारण थारु समुदाय अधिकारसे बन्चित हुई परल बटैलै ।
थारु समुदाय राज्यपक्ष हरदम विभेदमे परल कहटी अधिकारके आन्दोलन अभिन बाँकी रहल बटैलै । टिकापुर घटना राज्यपक्षके कारण घटल कहती उहीहे राजनितिक मुद्दा बनाके सम्बोधन कैना माग करलै । उहाँ कहलै–‘सशस्त्र द्वन्दकालकेलके मुद्दाहे राजनितिक मुद्दा मन्ना, थारु समुदायसे करल अधिकारके आन्दोलनहे जातिय आन्दोलनके विल्ला लगुइया राज्य पक्षके हेर्ना दृष्टी फरल बा ।’
थारु बुद्धिजिवी यज्ञराज चौधरी थारु समुदाय धर्तीपुत्र, प्राकृतिक पुजारी रहल उल्लेख करलै । उहाँ थारुहुक्रे प्रजातान्त्रिक अभ्यासमे जन्मल समुदाय रहल ओरसे लोकतन्त्र, प्रजातन्त्र ओ संघीयता सब पत्ता रहल बटैलै । थारु गाउँमे नेतृत्व छनौट, खोजनी बोजनीसंगे लौव निति बनैना काम जारी रहल बटैलै । थारु समुदायमे कायम रहल भल्मन्सा÷बडघर÷मटवा प्रथाहे कानूनी मान्यता देना उहाँ आग्रह करलै ।
कार्यक्रममे गोदावरी नपा–८ के वडा अध्यक्ष नरेश अधिकारी पुर्खौली कला, संस्कृति, भेष, भुषा भुलाई नाइहुइना बटैलै । कला, संस्कृति पहिचानसे जोरसे ओरसे यिहीहे लौव पुृस्तामे हस्तान्तरण कैना जरुरी रहल कहलै ।
माघी महोत्सवहे थारु राष्ट्रिय गायिक÷गायक सोमती थारु ओ दर्पण कुसुम्या चौकस बनैले रहिट । कार्यक्रममे हरैयाके सखिया नाँच ओ भूइहराके सखिया विच कडा प्रतिस्पर्धा हुइल रहे । ओस्टेक मजगाउँके झुम्रा, मघौटा नाँच प्रस्तुत, ओ अष्टिम्की फे टिक्ना कार्यक्रम कैगिल रहे । ओस्टे कर्णबहादुर चौधरी ओ सुदर्शन चौधरी थारु समुदायके सम्ह्रौटी गीत सुनागिल रहे ।
महोत्सव मूल आयोजक समिति संयोजक जनकलाल चौधरीके घरगोस्यामे हुइल उदघाट्न कार्यक्रममे स्वागत मन्तव्य भिमबहादुर चौधरी व्यक्त करल रहिट । माघ १० गतेसम चल्ना महोत्सवके दुसरा दिनफे स्थानीय झाँकी प्रदर्शन, थारु राष्ट्रिय कलाकारके बेजोड प्रस्तुती थारु कलासंस्कृति जर्गेना सम्बन्धी विविध कार्यक्रमके प्रर्दशनी हुइना आयोजक जनैले बा । महोत्सवमे थारु संस्कृतिसंग सम्बन्धित पुरान थारु घर संग्रहालयके रुपमे धारल बा ।













