अवसरसे बन्चित टिसरा लिङगी
धनगढी,३ अगहन । यौनिक तथा लैंगिक अल्पसंख्यक टिसरा लिङगी अपनेहुक्रे राज्यसे पैना अधिकारसे बन्चित हुइल बटैले बाटै ।
निल हिरा समाज कैलालीसे शनिच्चरके रोज धनगढीमे आयोजित पत्रकार सम्मेलनमे नेपालके संविधानमे हक अधिकार सुनिश्चित हुइलसेफे अधिकार ओ अवसरसे बन्चित रहल बटैले रहिट ।

एकता समाज कैलालीके अध्यक्ष राज चौधरी यौनिक तथा लैंगिक अल्पसंख्यकहुक्रनके लाग नेपालके सविधानमे हक अधिकार सुनिश्चित हुइलसेफे अवसरसे बन्चित हुइल बटैलै । नागरिकता वा राहदानी डेहेबेर अन्य लिखलक कारण पहिचान नाइखुल्के अपनेहुक्रे लोकसेवा आयोग, सेना प्रहरीमे अभ्यास करे नाइपाइल बटैलै ।
सर्वोच्च अदालत २०६४ पुस ६ गते अन्य नागरिक सरह टिसरा लिंगीनहे नागरिकता प्रदान कैना सरकारके नाममे निर्देशनात्मक आदेश जारी करले रहे । मने ‘अन्य लिखके नागरिकता देहल कारण पहिचान नाइखुल्के लोक सेवा आयोग, प्रहरी, सेनामे जागिरके लाग प्रयास करे नाइसेकल हुइट ।
नेपालके संविधानमे यौनिक तथा लैंगिक अल्पसंख्यकके अधिकार सुनिश्चित हुसेकलेसेफे सुरक्षा निकायके केल नाही, राज्यके और निकायके फे अनुदारवादी दृष्टिकोण परिवर्तन हुई नाइसेकल अध्यक्ष चौधरी कहलै । २०७२ कुवाँरमे जारी नेपालके संविधानके धारा ४२ मे लैंगिक तथा यौनिक अल्पसंख्यकहुकनफे समावेशी सिद्धान्तके आधारमे राज्यके निकायमे सहभागिताके हक हुइना उल्लेख बा ।
निल हिरा समाज प्रदेश नम्बर ७ के संयोजक राजु लामा अपनेहुक्रे सन २००७ ठेनसे संगठितहुके यौनिक तथा लैंगिक अल्पसंख्यकहुकनके हक अधिकारके लाग आवाज उठैटी अइलेसे फे ढेर जैसिन समाजमे खुले नाइसेकल कारण ओइने समस्या भोग्टी आइल बटैलै ।
प्रदेश नम्बर सातमे यौनिक तथा लैंगिक अल्पसंख्यक (टिसरा लिङगी, समलिङगी) हुकनके जनसंख्या करिब ५ हजार रहल मने समाजमे खुलके आइनाइसेकल संयोजक लामा कहलै । ‘यौनिक तथा लैंगिक अल्पसंख्यक (टिसरा लिङगी, समलिङगी) कहटी कि औरे दर्जाके रुपमे हेर्ना परिपार्टी रहल बा’ लामा कहलै–‘जेकर कारण ओइने समाजमे खुलके आइनइसेक्ना जैसिन अवस्था रहल बा ।’
सक्कु जातजाती, वर्ग, समुदाय अपन हक अधिकार लेहक लाग आघे बह्रलेसेफे यौनिक तथा लैंगिक अल्पसंख्यकहुकनहे घर परिवार, समाजसे लेके राज्यसेफे अपहेलना हुइटी आइल संयोजक लामा कहलै ।
नाउँ उल्लेख नइकैना आग्रह करटी एक जाने समलिंगी महिला कहली,– ‘समलिंगी सम्बन्ध राखल कहिके अपनेहुकनहे समाज बहुट दिन स्वीकारे नाइसेकल अवस्था रहे, बीचमे अलग कैना बहुट कोशिस कैगिल मने अब्बे तीन बर्षसे जोडीके रुपमेसंगे बैठल बाटी ।’ समलिङगीके पिडा समलिङगी केल बुझे सेक्ना कहटी उहाँ समाजहे हेर्ना दुष्टि बदल्ना आग्रह करली ।
समाजके सचिव विवेक सिंह नेपालके संधिान धारा ४२ मे सामाजिक न्यायके हक अन्र्तगत सक्कु जातजाती समुदायके लाग समावेशी सिद्धान्तके आधारमे राज्यके निकायमे सहभागिताके हक सुनिश्चित करल मने नागरिकतामे पहिचान खुले नाइसेकल कारण अपनेहुकनके इच्छा रहटी रहटीफे राज्यके कौनौ तहतप्कामे जाई नाइसेकल बटैलै ।
यौनिक तथा लैंगिक अल्पसंख्यक टिसरा लिङगी, समलिङगीहुकनके कौनो तहमे पँहुच नाइरहल कारण अपन समस्याफे खुल्के धारे नाइसेकल सचिव सिंह कहली । ओस्टेक करके अपनेहुकन सार्वजनिक स्थलमे वा विमार परके अस्पताल गैलेसेफे समस्या भोगे परल उहाँ गुनासो करली ।













